Chhattisgarh RERA Action रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के गंभीर उल्लंघन के एक अहम मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रमोटरों पर 10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई अधिनियम की धारा 3 के उल्लंघन पर धारा 59 के तहत की गई है।
यह आदेश छत्तीसगढ़ रेरा बनाम पंचम कॉलोनी प्रकरण में पारित किया गया है। मामला ग्राम पेंड्रा, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही स्थित पंचम कॉलोनी परियोजना से संबंधित है, जिसके प्रवर्तक पंचम केशरी, मनीष केशरी, रजनी केशरी एवं निधिश केशरी हैं। जांच में सामने आया कि प्रमोटरों द्वारा जानबूझकर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर परियोजना को रेरा अधिनियम से छूट दिलाने का प्रयास किया गया।
प्राधिकरण की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि संबंधित परियोजना वास्तविक रूप से आवासीय (हाउसिंग) श्रेणी की थी, लेकिन प्रमोटरों ने इसे गलत रूप से प्लॉटेड परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया। पूर्व में दर्ज प्रकरण में प्रमोटरों द्वारा वर्ष 2016 का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर रेरा पंजीकरण से छूट प्राप्त की गई थी।
हालांकि, आबंटी द्वारा दायर शिकायत की सुनवाई के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि उसी विकास क्षेत्र में प्रमोटरों ने सक्षम प्राधिकारी से विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त कर आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया था तथा उनका विक्रय भी किया गया। इस प्रकार यह स्पष्ट हुआ कि प्रवर्तकों ने प्राधिकरण को गुमराह करते हुए गलत तथ्यों के आधार पर अनुचित लाभ प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़ रेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि गलत जानकारी देकर अधिनियम से छूट प्राप्त करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह घर खरीदारों के विश्वास के साथ गंभीर छल भी है। प्राधिकरण ने दो टूक कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, सत्य जानकारी का प्रकटीकरण और अधिनियम का पालन अनिवार्य है। सीजी रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिनियम से बचने के किसी भी प्रयास पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Read More : रायपुर में 8 साल की बच्ची को किडनैप कर रेप, खाना-खिलाने के बहाने ड्राइवर ने सिग्नल से कार में बैठाया

