Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रतिनिधिमंडल के साथ आत्मीय भेंट के दौरान रामनामी समाज की गौरवशाली परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा हुई। उन्होंने रामनामी समाज को छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध लोक परंपरा और सामाजिक समरसता की विशिष्ट पहचान बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रामनामी समाज की परंपराएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पीढ़ियों से इस समाज ने रामनाम को अपने जीवन में आत्मसात किया है। समाज की विशिष्ट परंपराएं प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि रामनामी समाज ने भक्ति के साथ समानता, सद्भाव और मानवता का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया है। समाज की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने रामनामी समाज की परंपराओं को अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस विरासत को सहेजना आवश्यक है, ताकि समाज की विशिष्ट पहचान और परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सकें।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में रामनामी समाज की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गौरवशाली परंपराएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ ही सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव की भावना को भी आगे बढ़ाती हैं।

