रायपुर, 11 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा चरणबद्ध आंदोलन अब पूरे प्रदेश में गति पकड़ चुका है। सरकार द्वारा दो वर्ष पूर्ण होने के बाद भी घोषणा पत्र में शामिल प्रमुख वादों को पूरा न किए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। इसी को लेकर फेडरेशन ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में व्यापक कलमबंद हड़ताल का आह्वान किया है, जिसे मजबूत बनाने के लिए प्रदेशभर में बैठकों और रणनीतिक तैयारियों का दौर जारी है।
नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में गुरुवार को छत्तीसगढ़ संचालनालयीन शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। संघ के अध्यक्ष जय कुमार साहू ने बताया कि 29, 30 और 31 दिसंबर को इंद्रावती भवन सहित सभी शासकीय कार्यालयों में कलमबंद हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो नवा रायपुर स्थित कार्यालयों में जाकर कर्मचारियों से संवाद करेगी और आंदोलन के महत्व को समझाएगी।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में कार्यरत कर्मचारियों में इस आंदोलन को लेकर असाधारण उत्साह देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि लंबे समय से लंबित वेतनमान, पदोन्नति, भत्तों एवं अन्य सेवा-संबंधी मुद्दों पर सरकार द्वारा ठोस निर्णय न लिए जाने से वे स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। साहू ने बताया कि इसी असंतोष ने आंदोलन को प्रदेशव्यापी समर्थन प्रदान किया है और कर्मचारी अब इस बार किसी भी स्थिति में पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
बैठक में फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने आगामी आंदोलन की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 13 दिसंबर से संभाग स्तरीय बैठकों का सिलसिला शुरू किया जाएगा। इन बैठकों में आंदोलन की तैयारी, शासकीय सेवकों की भागीदारी और हड़ताल को प्रभावी बनाने के बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसमें जनसंपर्क अभियान, पोस्टर जारी करना और कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ शामिल हैं।
कमल वर्मा ने जोर देते हुए कहा, “आंदोलन तभी सफल होगा जब हम बिखरकर नहीं, बल्कि एकजुट होकर संघर्ष करें। यह समय तटस्थ रहने का नहीं है, बल्कि खुलकर मैदान में उतरने का है। जब तक सभी कर्मचारी अपनी आवाज़ मजबूती से एकसाथ नहीं उठाएंगे, तब तक सरकार हमारे मुद्दों पर गंभीरता से विचार नहीं करेगी।”
बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी हड़ताल के लिए संगठन पूरी तरह एकजुट और प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा, संघ के उपाध्यक्ष राजेश ठक्कर, कुमार वर्मा, संतोष कुमार वर्मा, महासचिव संजीत शर्मा, जगदीप बजाज, सुरेन्द्र मार्कण्डेय, अमित शर्मा, युवराज शर्मा, लोकेश वर्मा, देवाशीष दास, अभिजीत तिवारी, महेंद्र साहू, अनिमेष टंडन, सुशील देशमुख, मुकेश ध्रुव, एशाम साहू, अजय देशमुख, राज कुमार सौंधिया, वृनिशा एक्का, कुमार यादव, और हमप्रसाद गायकवाड़ सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
संघ ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और प्रभावी बनाने के लिए जनजागरण अभियान तेज किया जाएगा। इसके माध्यम से कर्मचारियों को आंदोलन के उद्देश्य, मांगों और परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आगामी कलमबंद हड़ताल को प्रदेशव्यापी समर्थन मिल सके।

