Khelo India Tribal Games 2026 रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का शानदार समापन हो गया, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश और महिला वर्ग में असम ने ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया। मिजोरम पुरुष वर्ग में फर्स्ट रनरअप और महिला वर्ग में ओडिशा फर्स्ट रनरअप रही, जबकि छत्तीसगढ़ महिला वर्ग में सेकंड रनरअप बनकर गौरव प्राप्त किया। राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित इस आयोजन में देशभर के खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर मीनल चौबे उपस्थित रहे। उन्होंने विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम उठाकर स्वर्ण पदक, मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम उठाकर कांस्य पदक जीता। पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम उठाकर स्वर्ण पदक, आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर ने 255 किलोग्राम के साथ रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल ने 223 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक प्राप्त किया।
महिला वर्ग में 86 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। इसी प्रकार, असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक प्राप्त किया। 86 किलोग्राम से अधिक वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम वजन के साथ स्वर्ण पदक, असम की पिंकी बोरो ने रजत और मध्य प्रदेश की गुंजन उइके ने कांस्य पदक जीता।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी लकी बाबू मरकाम ने कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन प्रदेश में होना ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़े अवसर प्रदान करता है और उन्हें राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है। पूरे आयोजन में तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रही और प्रतियोगिताएं पारदर्शी ढंग से संपन्न हुईं। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित किया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही अवसर मिलने पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का भरपूर सामर्थ्य है।

