CG Politics News : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे के हालिया बयान ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के जन्मदिन समारोह में मंच से दिए गए उनके वक्तव्य ने यह संकेत दिया कि प्रदेश की जनता चाहती है कि बघेल फिर से कांग्रेस की कमान संभालें। उन्होंने यहां तक कह दिया कि “2028 में किसान की सरकार बना सकते हैं तो केवल भूपेश बघेल ही हैं।”
चौबे का स्पष्टीकरण – भ्रामक है खबरें
बयान पर उठे विवाद के बाद रविन्द्र चौबे ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। वास्तविकता यह है कि वे पूरी तरह दीपक बैज के नेतृत्व में खड़े हैं।
चौबे ने कहा कि उन्होंने केवल 2018 विधानसभा चुनाव के संदर्भ में बात की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में पांच प्रमुख नेता दीपक बैज, भूपेश बघेल, चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू मिलकर कलेक्टिव लीडरशिप में पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं।
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बैज का पलटवार – पार्टी से बड़ा कोई नहीं
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं है। उन्होंने दोहराया कि इस तरह के बयान से बचना चाहिए क्योंकि कांग्रेस हाईकमान पहले ही साफ कर चुका है कि प्रदेश में कलेक्टिव लीडरशिप के आधार पर ही संगठन और विपक्ष की लड़ाई लड़ी जाएगी। बैज ने यह भी संकेत दिया कि मामले की जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी।
हाईकमान की नजर में मामला
रविन्द्र चौबे के बयान को लेकर अब कांग्रेस आलाकमान भी सक्रिय हो गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस मामले पर उच्च स्तर पर चर्चा हो सकती है। हाईकमान पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि प्रदेश में व्यक्तिगत नेतृत्व नहीं बल्कि सामूहिक नेतृत्व की लाइन पर ही काम होगा।
राजनीतिक हलचल तेज
रायपुर से लेकर दिल्ली तक इस बयान के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के भीतर गुटबाज़ी के संकेत भी दिखाई देने लगे हैं। हालांकि चौबे की सफाई के बाद स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हो गई है कि सभी नेता दीपक बैज के नेतृत्व में ही पार्टी को मजबूत करने के लिए साथ हैं।