Mahasamund News: किसानों के हित में सख्ती, राज्य में चलाया विशेष निरीक्षण अभियान, वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से 550 किलो संदिग्ध उर्वरक जब्त

Mahasamund News: किसानों के हित में सख्ती, राज्य में चलाया विशेष निरीक्षण अभियान, वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से 550 किलो संदिग्ध उर्वरक जब्त

CG Mahasamund News: महासमुंद। किसानों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत महासमुंद जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बागबाहरा विकासखंड के ग्राम घोयनाबाहरा स्थित वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से उड़ीसा प्रिंट वाली PROM उर्वरक की 11 बोरियां (लगभग 550 किलोग्राम) जब्त की हैं। विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

कलेक्टर के निर्देश पर हुई औचक जांच

महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने जिले के उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज में सालेपाली, पाइकमाल, जिला बरगढ़ (ओडिशा) प्रिंट वाली PROM उर्वरक की 11 बोरियां मिलीं। नियमानुसार इन बोरियों को तत्काल जब्त कर लिया गया और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।

किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से राज्यभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

अनियमितता मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और विक्रय में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता या संस्थान के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश और अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।

राज्यभर में जारी रहेगा निरीक्षण अभियान

कृषि विभाग ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह विशेष निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल प्रमाणित, गुणवत्तापूर्ण और वैध उर्वरक ही उपलब्ध हों, जिससे कृषि उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।


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