CG News: गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गरियाबंद के जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का मोबाइल फोन, व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। हैकर उनकी पहचान का दुरुपयोग करते हुए परिचितों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को फर्जी संदेश भेजकर ऑनलाइन ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद भाजपा संगठन के साथ-साथ आम लोगों में भी सतर्कता बढ़ गई है।
‘एक छोटी सी हेल्प चाहिए’ लिखकर भेज रहे मैसेज
जानकारी के अनुसार, साइबर ठग सबसे पहले अनिल चंद्राकर के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल करते हुए लोगों को “एक छोटी सी हेल्प चाहिए” लिखकर संदेश भेजते हैं। जब सामने वाला व्यक्ति जवाब देता है, तब ठग बातचीत को आगे बढ़ाते हुए एक QR कोड भेजते हैं और करीब 50 हजार रुपये ट्रांसफर करने की मांग करते हैं। इस तरह विश्वास में लेकर लोगों से ऑनलाइन ठगी का प्रयास किया जा रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मामले का पता चलते ही अनिल चंद्राकर ने आम नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने परिचितों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनके नाम से किसी भी माध्यम से पैसे, बैंक खाते की जानकारी, QR कोड, लिंक या OTP की मांग की जाती है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।
बिना पुष्टि के न करें कोई लेन-देन
अनिल चंद्राकर ने लोगों से आग्रह किया कि यदि उनके नाम से कोई आर्थिक मदद मांगने वाला संदेश या कॉल आए तो पहले सीधे फोन पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। बिना सत्यापन के किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और न ही किसी अनजान QR कोड को स्कैन करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी से बड़ी साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की जरूरत
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने सभी से इस सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की, ताकि कोई भी व्यक्ति उनके नाम पर होने वाली इस साइबर ठगी का शिकार न बने। साथ ही लोगों से संदिग्ध संदेश मिलने पर तत्काल सतर्क रहने और आवश्यक होने पर साइबर पुलिस को इसकी सूचना देने की भी अपील की गई है।

