अंबिकापुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में राज्यसभा सीटों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने स्पष्ट शब्दों में राज्यसभा जाने की अपनी मंशा जाहिर कर दी है। उन्होंने क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक समीकरणों का हवाला देते हुए सरगुजा की राजनीतिक ताकत को निर्णायक बताया।
भगत ने कहा कि प्रदेश में जिस दल को सरगुजा का समर्थन मिलता है, सरकार उसी की बनती है। उन्होंने “सरगुजा का साथ, मतलब सरकार का हाथ” कहते हुए क्षेत्र की राजनीतिक अहमियत को रेखांकित किया।
उन्होंने बस्तर और सरगुजा के बीच राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, उनका यह बयान आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर मजबूत दावेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व हमेशा से अहम मुद्दा रहा है। ऐसे में भगत के इस बयान ने कांग्रेस खेमे के साथ-साथ प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा की दौड़ में सरगुजा को कितना प्रतिनिधित्व मिलता है और पार्टी नेतृत्व इस दावेदारी पर क्या फैसला लेता है।

