CG Child Punishment Viral Video: होमवर्क नहीं किया तो मासूम को पेड़ से लटकाया, टीचर की क्रूरता पर HC सख्त, कहा-ये क्या मजाक है?

CG Child Punishment Viral Video: होमवर्क नहीं किया तो मासूम को पेड़ से लटकाया, टीचर की क्रूरता पर HC सख्त, कहा-ये क्या मजाक है?

Chhattisgarh Child Hanging Punishment Case High Court Action: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्राइवेट स्कूल की टीचर ने KG-2 के 5 साल बच्चे को सजा के तौर पर क्रूरतापूर्वक पेड़ पर लटका दिया। वीडियो वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए जनहित याचिका स्वीकार कर ली और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

टीचर की क्रूरता पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि- ये क्या मज़ाक है? मासूम बच्चों के साथ ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मामले में स्कूल शिक्षा सचिव से 9 दिसंबर तक शपथपत्र के साथ रिपोर्ट मांगी है। मामले में टीचर को हटाया जा चुका है और स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।

बच्चे को पेड़ पर लटकाया, वीडियो वायरल

दरअसल, सूरजपुर जिले के नारायणपुर क्षेत्र स्थित स्कूल हंसवानी विद्या मंदिर में KG-2 के बच्चे को पेड़ पर लटकाने की क्रूर घटना सामने आई। जानकारी के मुताबिक, 24 नवंबर को नर्सरी क्लास की टीचर काजल साहू ने बच्चों का होमवर्क चेक किया। जब एक 5 साल का बच्चा होमवर्क नहीं दिखा पाया, तो टीचर गुस्से में उसे क्लास से बाहर ले गई और स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी बांधकर बच्चे को लटका दिया। बच्चा लंबे समय तक रस्सी के सहारे लटका रहा।

इस घटना का वीडियो एक ग्रामीण ने बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही अभिभावक स्कूल के बाहर जमा हुए और जोरदार विरोध किया। बड़ी संख्या में पहुंचे परिजनों ने स्कूल के बाहर हंगामा कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

सोशल मीडिया पर सजा के वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका स्वीकार की। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान बेहद कड़ी टिप्पणी की।

चीफ जस्टिस ने कहा— “यह बहुत गलत है… क्या मज़ाक बनाकर रखा है? एक मासूम बच्चे के साथ ऐसी ज्यादती कैसे कर सकते हैं?” कोर्ट ने सवाल उठाया कि इतने बड़े स्कूल में किसी की नजर इस पर कैसे नहीं गई।

टीचर को हटाया, स्कूल प्रबंधन को नोटिस

राज्य की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत ठाकुर ने अदालत को बताया कि जिला प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद जांच की।

स्कूल शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव से जवाब मांगा है। सचिव को आदेश दिया है कि— 9 दिसंबर तक व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करें,दोषी शिक्षकों पर की गई कार्रवाई बताएं, और यह भी स्पष्ट करें कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

अभिभावकों में भारी आक्रोश

पेड़ पर लटके मासूम का वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि बच्चा रो रहा है और वह टीचर से उसे छोड़ने के लिए कहता रहा, लेकिन उन्होंने बच्चे की एक बात भी नहीं सुनी। अब वीडियो सामने आने के बाद लोगों में खासा आक्रोश है। बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल के बाहर पहुंच गए और प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना है कि ऐसी क्रूरता कभी बर्दाश्त नहीं की जा सकती और आरोपी टीचर पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।


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