रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से नवा रायपुर स्थित नए भवन में शुरू होगा। यह सत्र कुल चार दिनों का होगा, जिसमें सरकार एवं विधानसभा विभिन्न विषयों पर चर्चा और निर्णय लेंगे। सत्र के पहले दिन यानी 14 दिसंबर को “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” विषय पर विशेष चर्चा होगी। चार दिवसीय सत्र में सरकार विभिन्न विधायी कार्यों के साथ ही विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी जवाब देगी।
बता दें कि छत्तीसगढ़ की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुई थी। राज्य की पहली विधानसभा के पहले सत्र की बैठक 14 दिसंबर 2000 से शुरू हुई। विधानसभा भवन तैयार नहीं होने से रायपुर के राजकुमार कॉलेज में टेंट लगाकर अस्थाई भवन बनाया गया। पहला सत्र 19 दिसंबर तक चला। इस दौरान सदस्यों के शपथ ग्रहण हुए और यहीं छत्तीसगढ़ के पहले नेता प्रतिपक्ष के रूप में नंदकुमार साय ने शपथ ली।
पुराने भवन में आज आखिरी दिन
बता दें कि आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के पुराने भवन में आज यानी मंगलवार को विशेष सत्र बुलाया गया है। इस विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ के 25 साल के संसदीय इतिहास को याद किया जाएगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पुराने भवन में आयोजित होने वाले विशेष सत्र का विषय ‘पच्चीस वर्षों की संसदीय यात्रा पर केंद्रित विषयों पर चर्चा’ रखा गया है। इस सेशन के दौरान प्रदेश की 25 वर्षों की पॉलिटिकल, सोशल और अन्य क्षेत्रों में विकास यात्रा को याद किया जाएगा। इस दौरान सभी विधायक 25 वर्षों की यात्रा का अनुभव शेयर कर रहे हैं।
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