BJP President Election Update: नई दिल्ली। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय है। वे पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भाजपा मुख्यालय में कुछ देर में नामांकन दाखिल करने वाले हैं।
नॉमिनेशन की प्रक्रिया पार्टी हेडक्वार्टर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी और दूसरे सीनियर नेताओं की मौजूदगी में शुरू हो गई है। इन सभी नेताओं ने चुनाव अधिकारी को नितिन के लिए समर्थन पत्र जमा कर दिया है।
इधर, नितिन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा, ‘केंद्रीय नेतृत्व को पहचान है कि कौन व्यक्ति काम करने में सक्षम, हीरे की परख जौहरी को ही होती है। पार्टी ने हीरा चुनकर निकाल लिया। पार्टी के लिए नितिन ने दिन रात मेहनत की। उनकी मेहनत का फल उन्हें मिल गया।’
शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन की जांच होगी। शाम 5 बजे से 6 बजे तक नाम वापस लेने का समय होगा। एक ही नामांकन पत्र आया तो चुनाव अधिकारी नितिन को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर देंगे। अगर किसी और दावेदार ने फॉर्म जमा किया तो 20 तारीख को वोटिंग होगी।
भाजपा ने 16 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। नितिन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।
अगर नितिन ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, तो सबसे युवा होंगे
भाजपा में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार अध्यक्ष बने, जबकि राजनाथ सिंह ने दो बार यह जिम्मेदारी संभाली।
पिछले 6 महीने में 3 प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए
पिछले 6 महीने में तीन राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। जुलाई में हेमंत खंडेलवाल को एमपी का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया था। उसके बाद दिसंबर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और सात बार के लोकसभा सांसद पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष चुन गया था। उनके अलावा किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। वहीं जनवरी में झारखंड में आदित्य साहू को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली।
जानिए कैसे चुना जाता है अध्यक्ष
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद करती है, जिसमें लगभग 5,708 सदस्य शामिल हैं। इसमें राष्ट्रीय परिषद और सभी राज्य परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं, जो देश के 30 से अधिक राज्यों से आते हैं। लेकिन अगर केवल एक नामांकन होता है, तो मतदान की जरूरत नहीं होगी।

