बिलासपुर में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट और कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बिलासपुर के चांटीडीह के वकील फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से 10 कंप्यूटर, 70 मोबाइल और 20 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस को मामला तब पता चला जब बिहार के एक युवक ने ऑनलाइन शिकायत भेजी। शिकायत में उसने बताया कि सरकंडा थाना क्षेत्र में संचालित मैरिज ब्यूरो ने उसे शादी के लिए योग्य लड़की का प्रोफाइल देने का झांसा दिया और इसके बदले 10 हजार रुपए वसूले। लेकिन भुगतान के बाद भी उसे कोई प्रोफाइल नहीं दी गई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद लड़की और लड़के बनकर फर्जी फोटो खिंचवाए, फेक प्रोफाइल बनाई और वेबसाइट पर अपलोड किया। इसके बाद कॉल कर युवकों को शादी का झांसा देकर पैसे वसूले जाते थे। पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल बैंक खाते खोले गए थे, जिनमें ‘मैरिज ब्यूरो’ के नाम पर लाखों रुपए जमा किए जा रहे थे। ACCU की टीम ने इन खातों की जांच कर गैंग का पूरा नेटवर्क उजागर किया।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ सैदा के महारथी साहु, चांटीडीह के तरुणा उर्फ सोनू खरे और खमतराई अशोक नगर की नीरा बाथम शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कर उनके फर्जी कॉल सेंटर और मैरिज ब्यूरो की गतिविधियों का पूरा नेटवर्क उजागर किया।
सीएसपी निमितेश सिंह ने कहा कि पुलिस ऐसे फर्जी मैरिज ब्यूरो और कॉल सेंटरों पर सतत निगरानी रखे हुए है और आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध शादी या ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।

