पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सूबे का सियासी पारा आसमान छूने लगा है। नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी तो जारी ही है, साथ ही साथ अब कई नेता चुनाव आयोग तक पर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव के पहले वोटर लिस्ट के पुनर्रीक्षण के बाद पहल ड्राफ्ट आया तो आरजेडी नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में अपना नाम न होने का मुद्दा उठाया जबकि बाद में सामने आया कि उनके पास दो दो वोटर आईडी है। अब इस मामले को लेकर चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को नोटिस भेजा है।
चुनाव आयोग का कहना है कि तेजस्वी का दूसरा EPIC नंबर आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं है और संभवतः यह फर्जी हो सकता है। चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और तेजस्वी को नोटिस जारी कर RAB2916120 नंबर के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, तेजस्वी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनका EPIC नंबर बदल दिया गया है।
बिहार में 7.24 करोड़ वोटर, 65 लाख नाम हटे
बिहार में SIR के पहले चरण के तहत कुल 7.24 करोड़ मतदाता हैं। 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। जिनके नाम हटाए गए हैं, उनमें मृत, विस्थापित और विदेशी मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि 24 जून 2025 तक बिहार में 7.89 करोड़ मतदाता थे। बिहार में एसआईआर की शुरुआत 24 जून 2025 को हुई थी। 26 जुलाई को इसका पहला चरण पूरा हो गया था।