बस्तर पंडुम और ओलंपिक से बदली क्षेत्र की पहचान, विधायक लता उसेण्डी बोलीं- बस्तर अब डर नहीं उत्सव का प्रतीक

बस्तर पंडुम और ओलंपिक से बदली क्षेत्र की पहचान, विधायक लता उसेण्डी बोलीं- बस्तर अब डर नहीं उत्सव का प्रतीक

Chhattisgarh Bastar News रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेण्डी ने बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विकास, उत्सव और उपलब्धियों का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, नक्सल उन्मूलन और निरंतर विकास के चलते बस्तर की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल रही हैं।

उसेण्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नई पहचान मिली है। जो क्षेत्र कभी नक्सलवाद और अव्यवस्थाओं के कारण उपेक्षित रहा, आज वह देशभर में खेल, संस्कृति और पर्यटन के केंद्र के रूप में पहचाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में डर का माहौल नहीं, बल्कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों का उत्साह नजर आता है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में बस्तर जैसे क्षेत्रों में पोस्टिंग को दंडात्मक माना जाता था, लेकिन अब यहां योग्य और युवा अधिकारियों की तैनाती की जा रही है, जिन्हें विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन और स्वतंत्रता दी जा रही है। इसका परिणाम यह है कि आज उन गांवों तक भी सड़क और परिवहन की सुविधाएं पहुंच रही हैं, जहां आज़ादी के बाद पहली बार विकास की रोशनी पहुंची है।

बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की चर्चा करते हुए उसेण्डी ने कहा कि बस्तर छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है और धरती का स्वर्ग है। उन्होंने बताया कि धुड़मारास गांव का विश्व पर्यटन संगठन द्वारा विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्रामों में चयनित होना बस्तर के बढ़ते वैश्विक महत्व को दर्शाता है।

नक्सलवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प तथा सुरक्षा बलों की बहादुरी से बस्तर में नक्सलवाद अब अंतिम दौर में है। नक्सल उन्मूलन के साथ विकास को नई गति मिली है, जिसका प्रमाण बस्तर ओलंपिक में बढ़ती सहभागिता है। पिछले वर्ष जहां इसमें 1.65 करोड़ प्रतिभागियों की भागीदारी रही, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 3.91 करोड़ तक पहुंच गया है।

आगामी आयोजनों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 7 फरवरी को संभागस्तरीय बस्तर पंडुम का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी, जबकि 9 फरवरी को समापन समारोह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होगा। उसेण्डी ने विश्वास जताया कि विकास की यह निरंतर लहर बस्तर को शीघ्र ही देश के सबसे समृद्ध क्षेत्रों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करेगी।

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