Ashutosh Chaitanya Arrested: बिलासपुर में कथावाचक आशुतोष चैतन्य गिरफ्तार, सतनामी समाज पर की थी टिप्पणी

Ashutosh Chaitanya Arrested: बिलासपुर में कथावाचक आशुतोष चैतन्य गिरफ्तार, सतनामी समाज पर की थी टिप्पणी

Ashutosh Chaitanya Arrested: बिलासपुर जिले में कथावाचक आशुतोष चैतन्य को तखतपुर थाना पुलिस ने शनिवार, 15 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सतनामी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। मामले में समाज के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। कथावाचक ने गिरफ्तारी से पहले वीडियो जारी कर माफी भी मांगी थी, लेकिन उसके बावजूद मामला गंभीर होने के चलते पुलिस ने FIR दर्ज कर उन्हें पकड़ लिया।

आशुतोष चैतन्य ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के तखतपुर में कितनी गायें कट रही हैं, आपको पता है? जो पहले सनातनी थे, वो आज सतनामी बन गए हैं। उन मूर्खों को यह समझ नहीं आता कि सतनामी का मतलब क्या होता है। ये गायों को काट रहे हैं।

कथावाचक के विवादित बयान के बाद सतनामी समाज ने तखतपुर थाने का घेराव किया। उन्होंने कथावाचक की गिरफ्तारी की मांग की थी। बढ़ते विवाद के चलते पुलिस ने आशुतोष चैतन्य के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस ने 15 नवंबर को तखतपुर के कथा स्थल से उन्हें गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

असल में, तखतपुर के टिकरी पारा में श्रीमद् भागवत कथा महापुराण चल रहा है। यहां आशुतोष चैतन्य महाराज कथा सुनाने आए थे। 11 नवंबर को उन्होंने सतनामी समाज के बारे में कई अपशब्द कहे। वीडियो को यूट्यूब चैनल पर भी डाल दिया गया।

कथावाचक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सतनामी समाज भड़क गया। 12 नवंबर को समाज के लोग बड़ी संख्या में तखतपुर थाने पहुंचे और घेराव कर दिया। इस दौरान समाज के लोगों ने कथावाचक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

सतनामी समाज ने दी थी उग्र आंदोलन की चेतावनी

सतनामी समाज के लोगों का कहना है कि व्यासपीठ से की गई ऐसी टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि समाज को आपस में बांटने का प्रयास भी करती है। कथावाचक को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। अगर कथावाचक की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।

वहीं, तखतपुर में सतनामी समाज के विरोध के बाद कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज के कार्यक्रम स्थल तखतपुर के टिकरी पारा में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पंडाल के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

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