Uzbekistan Women Police Action रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित होटल एरिना बुटिक में ठहरी दो उज्बेकिस्तान की युवतियों के खिलाफ पुलिस ने तीन महीने की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इन युवतियों को संदिग्ध गतिविधियों के संदेह में होटल से हिरासत में लिया था। जांच के दौरान दोनों युवतियां पासपोर्ट, वीजा और भारत में रहने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं, जिसके बाद उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल परिसर में बने डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान भी दोनों युवतियों ने करीब तीन महीने तक अपने बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी। इसके बाद 13 मार्च को तेलीबांधा थाना पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दरअसल 9 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तेलीबांधा स्थित होटल एरिना बुटिक में दो विदेशी युवतियां ठहरी हुई हैं और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी और दोनों युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। जांच के दौरान उनसे पासपोर्ट और वीजा से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं।
पुलिस ने बताया कि 10 मार्च 2026 तक कई बार मौका देने के बावजूद दोनों महिलाएं भारत में रहने या यात्रा करने का कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाईं। इसके बाद उनके खिलाफ आव्रजन और विदेशी विषयक अधिनियम 2025 की धारा 3, 21 और 23 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह के मुताबिक विदेशी युवतियों को जनवरी में हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेजा गया था। तीन महीने तक पूछताछ के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान और दस्तावेजों से संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दूतावास से संपर्क किया गया है और दूतावास की मदद से दोनों युवतियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

