Surajpur ACB Action: सूरजपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया असिस्टेंट इंजीनियर

Surajpur ACB Action: सूरजपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया असिस्टेंट इंजीनियर

Surajpur ACB Action: सूरजपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) सरगुजा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में पदस्थ असिस्टेंट इंजीनियर चमरू राम नायक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर पर आरोप है कि उसने एक मजदूर से ड्यूटी लगाने के एवज में एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। मजदूर की शिकायत पर एसीबी ने पूरी योजना बनाकर उसे पकड़ने का ऑपरेशन अंजाम दिया।

मजदूर ने एसीबी से की शिकायत, हुई ट्रैप कार्रवाई

ग्राम पोडिपा निवासी प्रदीप कुमार नामक मजदूर मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाने में काम करना चाहता था। इसके लिए उसने वहां के असिस्टेंट इंजीनियर चमरू राम नायक से संपर्क किया। बताया गया कि इंजीनियर ने प्रदीप से नौकरी पर लगाने के बदले एक लाख रुपए की मांग की। इस पर परेशान मजदूर ने एसीबी सरगुजा कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की पूरी योजना बनाई।

रिश्वत के 50 हजार रुपए में लगे केमिकल

योजना के तहत शुक्रवार को एसीबी की टीम ने मजदूर को 50 हजार रुपए के केमिकल लगे नोट देकर इंजीनियर को देने भेजा। जैसे ही प्रदीप कुमार ने आरोपी इंजीनियर को पैसे सौंपे, पहले से घात लगाए एसीबी अधिकारियों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने पैसे बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और आगे की पूछताछ शुरू की।

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कारखाने और इलाके में मचा हड़कंप

एसीबी की इस कार्रवाई के बाद मां महामाया शक्कर कारखाने के कर्मचारियों और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी इंजीनियर की पहचान लंबे समय से रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ी हुई थी। फिलहाल एसीबी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

सरकार की सख्त नीति के बीच एसीबी की बड़ी सफलता

प्रदेश में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए सरकार ने एसीबी को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में यह गिरफ्तारी प्रशासनिक ईमानदारी की दिशा में अहम मानी जा रही है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की शिकायतों पर तुरंत और पारदर्शी कार्रवाई की जाएगी ताकि सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।


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