Raipur West Development News रायपुर। रायपुर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। क्षेत्र के ऐतिहासिक आर.डी. तिवारी स्कूल के व्यापक कायाकल्प के लिए ₹1.60 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत स्कूल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस परियोजना को लेकर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
विधायक ने नगर निगम महापौर मीनल चौबे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्कूल परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई और स्पष्ट चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तय समयसीमा के भीतर बिना गुणवत्ता से समझौता किए सभी कार्य पूरे किए जाएं।
परियोजना के तहत ₹1.00 करोड़ की राशि से अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम का निर्माण किया जाएगा, जबकि ₹60 लाख से पुराने भवन की मरम्मत, जीर्णोद्धार और अन्य आवश्यक शैक्षणिक कार्य किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य स्कूल को आधुनिक शिक्षा के अनुरूप विकसित करना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
स्कूल निरीक्षण के बाद विधायक ने ठक्कर बापा वार्ड में निर्माणाधीन उच्च स्तरीय जलागार का भी जायजा लिया। लगभग 25 मीटर स्टेजिंग और 2000 किलोलीटर क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक प्रभावी वर्क प्लान बनाकर लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को शीघ्र ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके।
इसी क्रम में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आजाद वार्ड में ₹48 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन भी किया गया। इस दौरान विधायक ने दोहराया कि रायपुर पश्चिम का समग्र विकास और प्रत्येक वार्ड में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान महापौर मीनल चौबे, पार्षद एवं एमआईसी सदस्य सुमन अशोक पाण्डेय, लोककर्म विभाग के अध्यक्ष दीपक जायसवाल, जोन-5 के अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों और स्कूल स्टाफ की उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम में विकास कार्यों को लेकर गंभीरता और तत्परता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

