Jan Aushadhi Centers in Chhattisgarh रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के समन्वय से आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की व्यापक सुविधा मिल रही है। संसद में उठाए गए उनके सवालों के जवाब में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत प्रदेश में 352 जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 42 केंद्र केवल रायपुर जिले में कार्यरत हैं और बड़ी संख्या में लोगों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से मरीजों को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों के इलाज का खर्च काफी हद तक कम हुआ है। सांसद अग्रवाल ने संसद में आयुष दवाओं की उपलब्धता और उनके मानकीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद च्यवनप्राश, त्रिफला, शिलाजीत और अश्वगंधा जैसे आयुर्वेदिक उत्पाद भी अब जन औषधि केंद्रों में किफायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय और वन क्षेत्रों वाले राज्य में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना लंबे समय से एक चुनौती रहा है। इस दिशा में सांसद के प्रयासों से एक मजबूत आईटी-सक्षम सप्लाई चेन विकसित की गई है, जिसमें पांच बड़े गोदाम और 41 वितरक शामिल हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ इलाकों तक भी दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वहां के निवासियों को बड़ी राहत मिली है।
दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध सभी दवाइयों का 100 प्रतिशत परीक्षण एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में किया जा रहा है और केवल डब्ल्यूएचओ-जीएमपी प्रमाणित इकाइयों से ही दवाइयों की खरीद सुनिश्चित की जा रही है। इससे मरीजों को सुरक्षित और विश्वसनीय दवाएं मिल रही हैं।
इस पहल के प्रभाव को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सस्ती और अच्छी दवाओं का लक्ष्य तेजी से पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से देशभर में अब तक लगभग 40,000 करोड़ रुपये की बचत आम नागरिकों को हुई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को विशेष लाभ मिला है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में प्रदेश में जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाने और आयुष दवाओं की सूची को और विस्तारित करने के प्रयास जारी रहेंगे।
Read More : रायपुर में आईडीबीआई बैंक फर्जीवाड़े का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला

