Animal Husbandry Schemes Review रायपुर। छत्तीसगढ़ में संचालित केंद्रीय पशुपालन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग, नई दिल्ली द्वारा तीन राष्ट्रीय स्तर के पर्यवेक्षकों (नेशनल लेवल मॉनिटर) की नियुक्ति की गई है। यह केंद्रीय दल 9 से 14 फरवरी 2026 तक दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों का दौरा कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करेगा।
दौरे के दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम तथा पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम सहित कुल चार प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का मौके पर जाकर मूल्यांकन किया जाएगा। इस भ्रमण दल में भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
भ्रमण कार्यक्रम के पहले दिन संचालनालय स्तर पर एक ब्रीफिंग सत्र का आयोजन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, पशुधन विकास विभाग तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा केंद्र से आए अधिकारियों एवं नेशनल लेवल मॉनिटर दल को प्रदेश में संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने योजनाओं का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया, जिसके बाद भारत सरकार के अधिकारी मुकेश शर्मा द्वारा योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय गोकुल मिशन और राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिया। साथ ही पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को समय पर लाभ पहुंचाना और पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना है।इस अवसर पर नेशनल लेवल मॉनिटर और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने संचालनालय परिसर में स्थित मोबाइल वेटेनरी यूनिट के कॉल सेंटर 1962 का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सेवाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

