राजधानी रायपुर में सेप्टिक टैंक साफ करवाने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से 4 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मकान मालिक ने हफ्ते भर पहले सेप्टिक टैंक साफ करवाने के लिए गड्ढा खुदवाया था। यह गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था। मामला मोवा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, बच्ची खेलते-खेलते इसी खुले गड्ढे में गिर गई। गड्ढे में गिरने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मोवा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
2025 में दो घटनाओं में तीन बच्चों की मौत
पिछले साल 2025 में इस तरह की दो घटनाओं में तीन बच्चों की मौत हुई थी। पहली घटना 11 नवंबर 2025 को हुई थी। जिसमें रायपुर के सरकारी स्कूल के पास 2 बच्चे खेलते-खेलते सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। दोनों बच्चे मौसेरे भाई थे। गड्ढे की गहराई ज्यादा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और डूबने से उनकी मौत हो गई।
मृतकों में सत्यम (8 साल) और आलोक (7 साल) शामिल थे। ये दोनों बच्चे अपनी मौसी के बेटे के जन्मदिन के मौके पर यहां आए थे। यह गड्ढा फॉर्च्यून डेवलपर्स (बिल्डर) द्वारा खुदवाया गया था, लेकिन उसे भरा नहीं गया था।
वहीं, दूसरी घटना 13 अप्रैल 2025 की है। यह हादसा रायपुर के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी गुलमोहर पार्क, रामनगर में हुआ था। निगम की ओर से खोदे गए गड्ढे में 3 बच्चे गिर गए थे। इसमें से एक बच्चे की जान चली गई। जबकि स्थानीय लोगों की मदद से दो बच्चों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
रायपुर में हुआ था ऐसा ही हादसा
गुलमोहर पार्क वाली घटना से एक दिन पहले यानि 12 अप्रैल 2025 को भी ऐसा ही हादसा हुआ था। शनिवार की रात छत्तीसगढ़ नगर स्थित शीतला मंदिर के पास 3 साल का बच्चा खुले गड्ढे में गिर गया था। गनीमत रही कि सड़क से गुजर रहे एक बाइक सवार ने बच्चे को डूबता देख लिया और समय रहते बाइक सवार ने गड्ढे में कूदकर उसे बचा लिया।
यह गड्ढा भी निगम की ओर से खोदा गया था
शीतला मंदिर के पास हुए हादसे में भी गड्ढा निगम की ओर से खोदा गया था। यहां गंदे पानी की शिकायत के बाद गड्ढा खोदा गया लेकिन उसे खुला ही छोड़ दिया गया था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

