दुर्ग के कसारीडीह इलाके में रहने वाले 19 वर्षीय ऋषि निर्मलकर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। भिलाई के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऋषि के कुछ दोस्तों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी जान गई है।
वहीं पुलिस का कहना है कि अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। हम दोस्तों और अन्य लोगों के बयान ले रहे हैं। पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। मृतक का पोस्टमार्टम सुपेला स्थित शासकीय अस्पताल में किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
20 जनवरी से शुरू हुई पूरी घटना
ऋषि के पिता के अनुसार पूरी घटना 20 जनवरी को शुरू हुई। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच तीन युवक ऋषि को अपने साथ ले गए थे। बताया गया कि वे उसे दुर्ग के इंदिरा मार्केट के पास स्थित एक होटल में लेकर गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। पिता का आरोप है कि पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, इसी वजह से उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। हालांकि ऋषि ने इस घटना की जानकारी न तो परिवार को दी और न ही पुलिस में किसी तरह की शिकायत की। दोस्तों ने यह बात ऋषि के पिता को बताई है।
होटल में छोड़कर भाग गए आरोपी
पिता के मुताबिक बेटे ऋषि को होटल में ले जाकर मारपीट करने के बाद आरोपी उसे वहीं छोड़कर चले गए। इसके बाद ऋषि ने अपने दोस्तों को फोन किया। दोस्त होटल पहुंचे और उसे वहां से घर लेकर आए। जब वह घर पहुंचा तो उसकी आंख और कान सूजे हुए थे। पूछने पर उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
दो दिन बाद बिगड़ने लगी तबीयत
दो दिन बाद ऋषि की तबीयत बिगड़ने लगी। पहले उसे पास के एक डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे भिलाई के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। रात करीब 12 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया, इलाज शुरू हुआ, लेकिन दो घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई।
पिता ने कहा बेटे के पहचान वालों ने की है मारपीट
ऋषि के पिता ने आरोप लगाया है कि बेटे के सिर, आंख और छाती पर चोट के निशान थे। उन्होंने दावा किया कि चार से पांच लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की है। पिता का कहना है कि मारपीट करने वाले लोग ऋषि के जान-पहचान और दोस्ती के दायरे से ही जुड़े हुए थे। पिता ने दुर्ग निवासी एक युवक मेजर सागर का नाम भी लिया है, जिस पर बेटे को स्टेशन रोड से कार में बैठाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है। पिता ने रोते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पिता ने कहा कि मेरा इकलौता बेटा चला गया। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा। मुझे पुलिस से सिर्फ न्याय चाहिए।
पुलिस जांच में जुटी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
इस मामले में दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर का कहना है कि अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत का मामला सामने आया है। इसमें पद्मनाभपुर थाने में मर्ग कायम किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। वहीं परिवारों के आरोपों पर सीएसपी का कहना है कि हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। दोस्तों और अन्य परिजनों को बुलाकर उनके बयान लिए जा रहे हैं। जब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

