Chhattisgarh Rajnandgaon News: राजनांदगांव। शहर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में नया एस्ट्रोटर्फ बिछाने का काम शुरू हो गया है, लेकिन खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए जरूरी अन्य सुविधाओं का इंतजार अब भी बना हुआ है। स्टेडियम में पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं है और रात में मैच कराने के लिए फ्लड लाइट भी नहीं लगाई गई है। इसके अलावा दोनों तरफ की गैलरी में कुर्सियों की मरम्मत और शेड लगाने का काम भी अधूरा है। ऐसे में आगामी हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
अखिल भारतीय हॉकी स्पर्धा के आयोजन की परंपरा करीब 80 साल पुरानी है। इस प्रतियोगिता में देश की नामचीन हॉकी टीमें हिस्सा लेती रही हैं, जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल होते थे। इन मुकाबलों को देखकर शहर के युवाओं को हॉकी खेलने की प्रेरणा मिलती थी। हालांकि, पिछले दो वर्षों से प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो पाया है। अब नए एस्ट्रोटर्फ का काम शुरू होने से आगामी वर्ष में टूर्नामेंट की वापसी की उम्मीद जगी है।
नए एस्ट्रोटर्फ के लिए छह करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू किया गया है। इसे जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, टर्फ के साथ जरूरी सुविधाओं का विकास नहीं होने से खेल प्रेमियों में निराशा है। वर्तमान में मैदान में पानी की पर्याप्त और स्थायी व्यवस्था नहीं है। मैच के दौरान नगर निगम के टेंडर के माध्यम से पानी मंगाना पड़ता है।
स्टेडियम में फ्लड लाइट नहीं होने से रात में मैच कराने का विकल्प भी उपलब्ध नहीं है। जानकारी के मुताबिक, प्रतियोगिता का आयोजन सामान्यतः फरवरी तक पूरा कर लिया जाता था, क्योंकि इसके बाद गर्मी बढ़ने से टीमों की भागीदारी प्रभावित होने की आशंका रहती है। गर्मी के मौसम में शाम और रात के मुकाबलों के लिए फ्लड लाइट जरूरी हो जाती है, लेकिन स्टेडियम में अब तक लाइटें नहीं लग सकी हैं।
खेल प्रेमियों की मांग है कि नए टर्फ के साथ पानी की स्थायी व्यवस्था, फ्लड लाइट, गैलरी की कुर्सियों की मरम्मत और शेड लगाने जैसे जरूरी काम भी जल्द पूरे किए जाएं, ताकि अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन हो सके और शहर की पुरानी हॉकी परंपरा को फिर से गति मिल सके।

