Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। कांग्रेस नेता अजीत कुकरेजा के पिता आनंद कुकरेजा को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 25 करोड़ रुपये की फिरौती मांगते हुए धमकी दिए जाने के मामले में पुलिस ने शोएब ढेबर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस उसकी भूमिका और धमकी देने वाले लोगों से संभावित संपर्क की जांच कर रही है। हालांकि, शोएब की भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से अंतिम पुष्टि अभी नहीं की गई है।
पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि धमकी देने के लिए हरियाणा के एक युवक का इस्तेमाल किया गया था, जो रायपुर के एक होटल में काम करता है। आरोप है कि होटल के वाई-फाई के जरिए धमकी भरे फोन करवाए जाते थे, ताकि कॉल करने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो। पुलिस अब होटल, वाई-फाई कनेक्शन, मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉल से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित लोगों के बीच कितनी बार संपर्क या मुलाकात हुई।
इस मामले में पुलिस ने पहले जांजगीर-चांपा के एक युवक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसके द्वारा लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी भरा फोन करने और इसके बदले करीब पांच हजार रुपये मिलने की बात सामने आने का दावा किया गया है। इसी पूछताछ के दौरान शोएब ढेबर का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसे शनिवार देर रात हिरासत में लिया।
पुलिस को अब तक करीब सात लोगों को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी दिए जाने की जानकारी मिलने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन सभी मामलों के पीछे एक ही नेटवर्क है या अलग-अलग लोगों ने बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल किया। इसके लिए कॉल डिटेल, इंटरनेट कॉल, मोबाइल लोकेशन और पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इससे पहले रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर और उनके परिवार से जुड़े लोगों को भी लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम पर 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की धमकी मिलने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात कॉलर के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई थी।
अब पुलिस कुकरेजा परिवार को मिली धमकी और ढेबर परिवार से 50 करोड़ रुपये की मांग वाले मामले के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। शोएब से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि धमकी देने वाले लोगों से उसका संपर्क कैसे हुआ, कथित तौर पर उन्हें कितने पैसे दिए गए और लॉरेंस बिश्नोई का नाम इस्तेमाल करने के पीछे क्या उद्देश्य था। फिलहाल पुलिस की पूछताछ और तकनीकी जांच जारी है तथा मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

