Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ ने समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत बनाए जाने वाले कानून में पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं हितों को स्पष्ट कानूनी संरक्षण देने की मांग की है। इस संबंध में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने 25 सितंबर को न्यू सर्किट हाउस, रायपुर में समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की जनपरामर्श उप समिति के अध्यक्ष एम.के. राउत से मुलाकात कर 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
बैठक में महासंघ ने ज्ञापन में शामिल सभी सुझावों के औचित्य पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान समिति के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और शिक्षाविद् ज्योति सिंह भी मौजूद रहीं। दोनों ने महासंघ द्वारा प्रस्तुत सुझावों को वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित बताया।
महासंघ ने राज्य के पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (डीआर) में कथित दोहरी नीति समाप्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई। महासंघ ने सुझाव दिया कि सभी राज्य पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को केंद्र सरकार द्वारा घोषित देय तिथि और समान दर से महंगाई राहत का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान किया जाए।
महासंघ के अनुसार, वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा, बिजली विभाग और न्यायिक सेवा के पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स को केंद्र के अनुरूप देय तिथि और दर से डीआर का भुगतान किया जाता है, जबकि राज्य के अन्य पेंशनर्स को समान आधार पर भुगतान नहीं मिल रहा है। महासंघ ने इस अंतर को समाप्त करने के लिए कानून में स्पष्ट व्यवस्था का सुझाव दिया है।
ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन, सुरक्षा और भरण-पोषण का स्पष्ट कानूनी अधिकार देने तथा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की पारिवारिक जिम्मेदारी को प्रभावी एवं स्पष्ट बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही पारिवारिक पेंशन के अधिकार एवं पात्रता स्पष्ट करने और पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद पात्र आश्रितों के पेंशन अधिकारों की सुरक्षा का सुझाव दिया गया है।
महासंघ ने वरिष्ठ नागरिकों की पैतृक एवं स्व-अर्जित संपत्ति तथा उत्तराधिकार के अधिकारों को स्पष्ट और सुरक्षित करने की मांग भी रखी है। संपत्ति पर जबरन कब्जा, धोखाधड़ी, दबाव या अनुचित हस्तांतरण से सुरक्षा के प्रभावी प्रावधान करने तथा पति-पत्नी के बीच संपत्ति और उत्तराधिकार संबंधी अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा पेंशन, पारिवारिक पेंशन और सेवानिवृत्ति से जुड़े मामलों के सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था तथा अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में त्वरित शिकायत निवारण और प्रभावी कानूनी संरक्षण की मांग की गई है।
बैठक में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, प्रदेश कार्यालय मंत्री बी.आर. रावत और जिला रायपुर अध्यक्ष आर.जी. बोहरे उपस्थित रहे।
महासंघ ने कहा कि समान नागरिक संहिता के माध्यम से व्यक्तिगत एवं पारिवारिक अधिकारों में कानूनी स्पष्टता और समानता स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ऐसे में पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, पारिवारिक पेंशन, भरण-पोषण, संपत्ति, उत्तराधिकार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकारों को भी स्पष्ट कानूनी संरक्षण मिलना आवश्यक है। महासंघ ने उम्मीद जताई कि उसके सुझावों पर समिति द्वारा गंभीरता से विचार किया जाएगा।

