Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। जिले में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए करीब चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सभी विद्यार्थियों को पूरी सरकारी किताबें नहीं मिल पाई हैं। जिले में अब भी 92 हजार से ज्यादा किताबों की कमी बताई जा रही है। इसी बीच पहली से 12वीं कक्षा तक की तिमाही परीक्षाएं भी शुरू हो गई हैं, जिससे छात्रों की तैयारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विभागीय स्तर पर किताबों की आपूर्ति में देरी के चलते कई विद्यार्थियों को अब तक सभी विषयों की पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में कुछ बच्चे किताबों की फोटोकॉपी कराकर पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कई विद्यार्थी पिछले साल की पुरानी किताबों के सहारे पढ़ने को मजबूर हैं।
खास बात यह है कि बिलासपुर शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर गतौरी में पाठ्य पुस्तक निगम का डिपो मौजूद है। इसके बावजूद डिपो से स्कूलों तक किताबें पहुंचने में 2 से 3 सप्ताह तक का समय लग रहा है। किताबों की कमी को दूर करने के लिए मुंगेली और सक्ती से भी अतिरिक्त पुस्तकें मंगाई गईं, लेकिन मांग के मुकाबले इनकी आपूर्ति कम रही।
तिमाही परीक्षाएं शुरू होने के बाद अब छात्रों की तैयारी और परीक्षा परिणाम पर इसके संभावित असर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि जिन विद्यार्थियों के पास किताबें नहीं हैं, उन्हें बुक बैंक की पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। विभाग के मुताबिक परीक्षा पर इसका असर नहीं पड़ेगा और जिन विषयों की किताबें कम हैं, उनकी आपूर्ति जल्द पूरी कर दी जाएगी।
इधर, किताबों की कमी को लेकर कुछ पालक काक्रोच जनता पार्टी से भी सक्रियता दिखाने की मांग कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को समय पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हो सकें।

