Balrampur News: कागज फर्जी, जमीन सरकारी! 10 एकड़ वनभूमि पर कब्जे की कोशिश का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार

Balrampur News: कागज फर्जी, जमीन सरकारी! 10 एकड़ वनभूमि पर कब्जे की कोशिश का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार

Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर। शासकीय वनभूमि को कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी जमीन के रूप में दिखाकर कब्जा करने की कोशिश का चलगली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार फर्जी वन अधिकार पत्र तैयार कर करीब 10 एकड़ यानी 4 हेक्टेयर वनभूमि पर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से कथित फर्जी वन अधिकार पत्र बरामद किए हैं। जांच में संबंधित दस्तावेजों का सरकारी रिकॉर्ड में वैध उल्लेख नहीं मिलने की बात सामने आई है।

मामला 9 जुलाई 2026 को सामने आया, जब ग्रामीणों ने बीट मुरका के कक्ष क्रमांक पी-3493 में झोपड़ी बनाकर वनभूमि पर कब्जे की कोशिश की सूचना वन विभाग को दी। वन अमला मौके पर पहुंचा तो वहां शिवलाल पिता स्वर्गीय कांशी मिला। जमीन से संबंधित दस्तावेज मांगे जाने पर उसने अपने, अपनी पत्नी और बेटे के नाम से वन अधिकार पत्र प्रस्तुत किए।

पुलिस के अनुसार दस्तावेजों में शिवलाल के नाम 2 हेक्टेयर, उसके बेटे रामकुमार के नाम 0.800 हेक्टेयर और पत्नी रमपतिया के नाम 1.200 हेक्टेयर जमीन दर्शाई गई थी। दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद वन विभाग ने उनकी सरकारी स्तर पर जांच कराई। जांच में संबंधित वन अधिकार पत्रों का नाम दायरा पंजी में दर्ज नहीं मिला। संबंधित कार्यालय ने भी इन दस्तावेजों को जारी करने से इनकार किया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में शिवलाल ने बताया कि उसने वर्ष 2025 में रामशकल उर्फ सकलू निवासी कोटरकी को 15 हजार रुपये देकर अपने, पत्नी और बेटे के नाम पर वन अधिकार पत्र बनवाए थे। जांच आगे बढ़ने पर शंकरनाथ पाण्डेय और कुंजन रजक की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार दोनों पर कथित फर्जी पट्टे लाकर देने और पैसे लेकर उनके वितरण में भूमिका निभाने के साक्ष्य मिले हैं।

पुलिस ने शिवलाल, रामकुमार, रामशकल उर्फ सकलू, शंकरनाथ पाण्डेय और कुंजन रजक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ, जब्त दस्तावेजों और गवाहों के कथनों के आधार पर पांचों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। मामले में थाना चलगली में अपराध क्रमांक 57/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने पांचों आरोपियों को 25 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और वनभूमि पर कब्जे की कोशिश के मामले में इनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं। साथ ही ऐसे दस्तावेजों का इस्तेमाल अन्य सरकारी जमीनों के संबंध में किए जाने की भी जांच की जा रही है।


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