Vijay Bhaghel on EPFO Salary Limit: दुर्ग। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने के फैसले को दुर्ग सांसद विजय बघेल ने श्रमिकों के हित में ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला संगठित क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करेगा। सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर लिए गए इस निर्णय के लिए उन्हें बधाई भी दी।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ईपीएफओ के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस निर्णय की आधिकारिक घोषणा की। सांसद के मुताबिक करीब 12 वर्षों के अंतराल के बाद ईपीएफओ की वेतन सीमा में यह बड़ा बदलाव किया गया है।
51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
विजय बघेल ने बताया कि नई वेतन सीमा लागू होने के बाद ₹15,000 से ₹25,000 के बीच मासिक वेतन पाने वाले करीब 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ के दायरे में आ सकेंगे। इससे इन कर्मचारियों को भविष्य के लिए बचत के साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बदलती आर्थिक परिस्थितियों, कर्मचारियों की आय और न्यूनतम मजदूरी दरों में हुए बदलाव को देखते हुए वेतन सीमा में संशोधन आवश्यक था। इस फैसले से अधिक संख्या में कर्मचारियों को संगठित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
2014 में ₹6,500 से बढ़कर ₹15 हजार हुई थी सीमा
सांसद ने बताया कि इससे पहले सितंबर 2014 में ईपीएफओ की अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रतिमाह की गई थी। इसके बाद लंबे अंतराल के पश्चात अब इसे बढ़ाकर ₹25,000 करने की मंजूरी दी गई है।
EPF, पेंशन और जीवन बीमा का मिलेगा लाभ
नई सीमा के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ के माध्यम से भविष्य के लिए बचत का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और कर्मचारी जमा-संबद्ध बीमा योजना (EDLI) के तहत जीवन बीमा सुरक्षा का लाभ भी मिल सकेगा।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि ईपीएफओ की कवरेज सीमा बढ़ने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने का रास्ता खुलेगा। उन्होंने इस निर्णय को श्रमिकों और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

