Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से वाहन चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मुख्य आरोपी साहिल राय के अलावा संजीव दत्ता, अमरजीत सिंह और महासमुंद का बर्खास्त पुलिसकर्मी दिनेश कुमार टंडन शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद गैरेज के बाहर से चोरी की गई इनोवा क्रिस्टा बरामद की है। जांच में बुलेट, KTM, एक्टिवा और स्प्लेंडर समेत दो ट्रैक्टर चोरी करने की कई वारदातों की जानकारी सामने आई है।
मामले की शुरुआत विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम दोदेखुर्द स्थित रूद्रांश मोटर गैरेज के बाहर खड़ी सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा क्रमांक CG 04 NL 2725 की चोरी से हुई। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी साहिल राय एक्टिवा बनवाने के बहाने गैरेज पहुंचा था। उस समय गैरेज में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसी दौरान उसकी नजर वहां रखी इनोवा की चाबी पर पड़ी और उसने चाबी अपने पास रख ली।
इसके बाद 5 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे साहिल दोदेखुर्द स्थित गैरेज पहुंचा और पहले से अपने पास रखी चाबी से इनोवा क्रिस्टा का लॉक खोलकर वाहन लेकर निकल गया। आरोपी इनोवा को लेकर समोदा की ओर पहुंचा, जहां वाहन का टायर खराब हो गया। इसके बाद उसने कार को मेला स्थल मंदिर के पास खड़ा कर दिया और उसी में सो गया। सुबह उठने के बाद आरोपी कार को लॉक कर वहां से फरार हो गया।
वाहन चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर साहिल राय पुलिस के संदेह के घेरे में आया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने इनोवा चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इनोवा क्रिस्टा CG 04 NL 2725 और उसकी चाबी बरामद कर ली।
इनोवा चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने साहिल से उसके साथियों और पूर्व की वाहन चोरी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ की। पूछताछ में करीब एक साल पहले मेकाहारा चिरघर के पास से बुलेट चोरी करने और कुछ दिन बाद वहीं से KTM मोटरसाइकिल चोरी करने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक चोरी की बुलेट को संजीव दत्ता के माध्यम से अमरजीत उर्फ बंटी को करीब 20 हजार रुपये में बेचने की बात आरोपी ने बताई है।
साहिल ने घड़ी चौक स्थित पार्किंग से भी एक बुलेट चोरी करने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार इस वाहन को भी संजीव दत्ता के साथ मिलकर अमरजीत उर्फ बंटी को करीब 20 हजार रुपये में बेचने की बात सामने आई है। इसी तरह आमासिवनी मेन रोड से चोरी की गई एक बुलेट को संजीव दत्ता के साथ मिलकर ओडिशा में अपने परिचित पितबास को बेचने की जानकारी भी पूछताछ में मिली है।
पुलिस के मुताबिक करीब 5 से 6 महीने पहले आमासिवनी स्थित शराब दुकान से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी करने की वारदात में साहिल का भाई अभिषेक राय भी शामिल था। इस वाहन के संबंध में पंडरी थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है। इसके अलावा करीब 2 से 3 महीने पहले तेलीबांधा मरीन ड्राइव से एक्टिवा चोरी करने और उसे अपने परिचित संजीव दत्ता को चलाने के लिए देने की बात भी सामने आई है।
जांच में दो ट्रैक्टर चोरी करने की वारदातों का भी खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार करीब तीन महीने पहले ग्राम धनसुली के एक बाड़े से लाल रंग का ट्रैक्टर चोरी किया गया था। आरोपी ने बताया कि इस ट्रैक्टर को संजीव दत्ता के साथ मिलकर अमरजीत उर्फ बंटी को बेच दिया गया। इसके बाद करीब एक से डेढ़ महीने पहले धनसुली स्थित ईंट-भट्ठे से एक और ट्रैक्टर चोरी किया गया। चोरी के बाद इसे जोरा बाजार के पास खड़ा किया गया और बाद में संजीव दत्ता के साथ मिलकर यह ट्रैक्टर दिनेश कुमार टंडन को देने की जानकारी पुलिस को दी गई।
पुलिस ने मामले में साहिल राय पिता विजय राय, उम्र 23 वर्ष, निवासी अमसेना, थाना खरोरा और वर्तमान निवासी धनसुली हाउसिंग बोर्ड, थाना विधानसभा, रायपुर को मुख्य आरोपी बताया है। इसके अलावा संजीव दत्ता पिता सिद्धस दत्ता, उम्र 27 वर्ष, निवासी आसमा कॉलोनी, उसलापुर, थाना सकरी, बिलासपुर, अमरजीत सिंह पिता गुरमीत सिंह, उम्र 48 वर्ष, निवासी ग्राम चाक, थाना त्रपेडा, जिला अमृतसर, पंजाब और वर्तमान निवासी हीरापुर, रायपुर तथा दिनेश कुमार टंडन पिता राम दयाल टंडन, उम्र 44 वर्ष, निवासी भोरिंग, थाना तुमगांव, जिला महासमुंद को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार दिनेश कुमार टंडन महासमुंद का बर्खास्त पुलिसकर्मी है।
पूछताछ में अमरजीत सिंह ने वर्ष 2005 में आमानाका थाना क्षेत्र के हत्या के एक मामले में जेल जाने और करीब 14 वर्ष की सजा काटने की बात बताई है। इसी दौरान जेल में उसकी पहचान संजीव दत्ता से होने की जानकारी उसने पुलिस को दी। वहीं दिनेश कुमार टंडन ने पुलिस विभाग में रहते हुए वर्ष 2016 में गांजा प्रकरण में जेल जाने और उसी दौरान संजीव दत्ता से पहचान होने की बात कही है। पुलिस दोनों आरोपियों द्वारा दी गई इन जानकारियों का सत्यापन कर रही है।
पुलिस जांच में चोरी के वाहनों को अलग-अलग लोगों के माध्यम से बेचने का नेटवर्क सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक संजीव दत्ता, अमरजीत उर्फ बंटी और अन्य परिचितों के माध्यम से चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाया जाता था। हालांकि चोरी किए गए सभी वाहनों की बरामदगी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य चोरी की घटनाओं, चोरी किए गए वाहनों और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस चोरी के बाकी वाहनों की बरामदगी के लिए भी कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच आगे बढ़ने पर वाहन चोरी की अन्य घटनाओं और गिरोह से जुड़े लोगों के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।
लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता सिन्हा श्रीवास्तव के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चंचल तिवारी और एसडीओपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में की गई।

