Chhattisgarh Sakti News: सक्ती। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर के मार्गदर्शन में शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला हसौद में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और विभिन्न कानूनों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पैरालीगल वालेंटियर भगवती भारद्वाज ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी नालसा के गठन और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध, साइबर सेल, अपहरण, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल अपराध और मोटर व्हीकल एक्ट सहित बच्चों से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया।
शिविर में विद्यार्थियों को बच्चों के मौलिक अधिकार, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम यानी POCSO Act 2012 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के संबंध में भी जागरूक किया गया। साथ ही बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 की जानकारी दी गई तथा जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर नालसा की ‘बच्चों को विधिक सेवाएं एवं बच्चों के संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2015’ तथा ‘नालसा तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों को विधिक सेवाएं योजना, 2015’ के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए ‘अभिव्यक्ति’ महिला सुरक्षा ऐप के बारे में बताया गया तथा विद्यार्थियों को इसे डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या अपराध की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करने के लिए जागरूक किया गया।

