Raipur News: छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा से जुड़ी नई पीढ़ी की मिसाल बनीं अरुणिमा, 45 मिनट तक गाया भरथरी गायन

Raipur News: छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा से जुड़ी नई पीढ़ी की मिसाल बनीं अरुणिमा, 45 मिनट तक गाया भरथरी गायन

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित लोकरंग पर्व-2026 के पहले दिन रविवार को मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में यादगार प्रस्तुति देखने को मिली। महज 10 वर्षीय नन्ही गायिका अरुणिमा शर्मा (आद्या) ने भरथरी गायन के जन्म प्रसंग की करीब 45 मिनट तक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अरुणिमा ने अपनी उम्र से कहीं आगे की परिपक्वता और आत्मविश्वास के साथ भरथरी गाथा का गायन किया। आयोजकों के अनुसार, इतनी कम उम्र में किसी शासकीय मंच पर इतनी लंबी भरथरी प्रस्तुति देने वाली वह सबसे छोटी कलाकार हैं। उनकी प्रस्तुति ने लोकरंग पर्व के पहले दिन को खास बना दिया। अरुणिमा ने ‘रामे रामा’ गीत से लयबद्ध अंदाज में अपना परिचय देते हुए मंच पर प्रवेश किया। उनके मंच पर आते ही दर्शक दीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। अभिवादन के बाद जब उन्होंने भरथरी गायन शुरू किया तो दर्शक उनकी प्रस्तुति और आवाज से प्रभावित नजर आए।

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के सुमरनी गीत से हुई। इसके बाद अरुणिमा ने भरथरी गाथा के अलग-अलग प्रसंगों को गीत और कथा के माध्यम से प्रस्तुत किया। जन्मोत्सव गीत और आमंत्रण गीत के बाद शिवजी को प्रसन्न करने के लिए कथा के साथ ‘जप हर हर हर हर भोला’ की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। दर्शक भी गीत के साथ झूमते और गाते नजर आए।

प्रस्तुति के दौरान अरुणिमा ने भरथरी गायन की पारंपरिक शैली को बेहद सहजता के साथ प्रस्तुत किया। सोहर गीत के दौरान पूरा पंडाल उनके सुरों से गूंज उठा। करीब 45 मिनट तक चली प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की रुचि लगातार बनी रही। कार्यक्रम के अंत में ‘चलव संगी जाबो जी’ विदाई गीत के साथ अरुणिमा ने अपनी प्रस्तुति का समापन किया। इस दौरान भी दर्शक पूरी तरह कार्यक्रम से जुड़े रहे और तालियों से नन्ही कलाकार का उत्साह बढ़ाया।

अरुणिमा की प्रस्तुति के बाद उन्हें मंच पर ही सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो, गुलदस्ता और राजकीय गमछा प्रदान किया गया। सम्मान के दौरान मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ नन्ही कलाकार का उत्साहवर्धन किया।

लोकरंग पर्व-2026 के प्रथम दिवस के आयोजन में संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, अपर संचालक उमेश मिश्रा, प्रसिद्ध गीतकार-कवि मीर अली मीर, वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा, बॉलीवुड अभिनेत्री श्वेता पढ्ढा सहित बड़ी संख्या में लोक कला प्रेमी मौजूद रहे।

अरुणिमा शर्मा की करीब 45 मिनट की भरथरी प्रस्तुति लोकरंग पर्व-2026 के पहले दिन का प्रमुख आकर्षण रही। कम उम्र में भरथरी जैसी पारंपरिक लोकगायन शैली को मंच पर इतने लंबे समय तक प्रस्तुत करना दर्शकों के लिए खास अनुभव रहा। उनकी प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और नई पीढ़ी के बीच जुड़ाव की खूबसूरत मिसाल पेश की।


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