Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कश्मीरी छात्र सूफी अब्दुल रहमान के खिलाफ बिलासपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले में शिकायतकर्ता अमन कुमार गुप्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
24 अप्रैल की घटना, 26 अप्रैल को FIR
याचिकाकर्ता सूफी अब्दुल रहमान की ओर से अधिवक्ता ईशान वर्मा ने कोर्ट को बताया कि कथित घटना 24 अप्रैल 2026 को हुई थी, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से 26 अप्रैल को FIR दर्ज कराई गई। याचिकाकर्ता का दावा है कि घटना से पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था।
विभागाध्यक्ष की मौजूदगी में सुलझा था विवाद
याचिकाकर्ता के मुताबिक, विवाद को लेकर उसने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष से शिकायत की थी। विभागाध्यक्ष की मौजूदगी में मामला सुलझ गया था। आरोप है कि कार्यालय से बाहर निकलने के बाद शिकायतकर्ता ने छात्र को धमकाते हुए कहा कि वह छत्तीसगढ़ का निवासी नहीं है। इसके बाद दोनों के बीच दोबारा विवाद हो गया।
27 अप्रैल को दर्ज हुआ काउंटर केस
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इसी घटना को लेकर उसने भी पुलिस में शिकायत की थी। इसके आधार पर 27 अप्रैल 2026 को काउंटर केस दर्ज किया गया। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से दर्ज FIR के आधार पर आपराधिक प्रकरण बिलासपुर की JMFC अदालत में लंबित है।
पढ़ाई और करियर प्रभावित होने की दलील
अधिवक्ता ईशान वर्मा ने बताया कि सूफी अब्दुल रहमान 23 वर्षीय छात्र है और जम्मू-कश्मीर स्थित अपने स्थायी निवास से दूर रहकर पढ़ाई कर रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उसके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रहने से पढ़ाई और भविष्य के करियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिवक्ता ने FIR को कथित घटना का एकतरफा पक्ष बताते हुए FIR और उसके आधार पर चल रही आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की।
शिकायतकर्ता को दो सप्ताह में जवाब देने का निर्देश
हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता अमन कुमार गुप्ता को स्पीड पोस्ट के जरिए नोटिस जारी किया है। राज्य की ओर से नोटिस स्वीकार किए जाने के कारण राज्य को अलग से नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं मानी गई। कोर्ट ने राज्य और शिकायतकर्ता को नोटिस की तामील से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। फिलहाल हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक छात्र के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है।

