Bhilai Nagar News : भिलाई निगम की दुकानों के लिए नए नियम लागू, नामांतरण शुल्क से लीज किराये तक तय हुआ पूरा प्रावधान

Bhilai Nagar News : भिलाई निगम की दुकानों के लिए नए नियम लागू, नामांतरण शुल्क से लीज किराये तक तय हुआ पूरा प्रावधान

Chhattisgarh Bhilai Nagar News : भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम ने निगम क्षेत्र में स्थित दुकानों के वार्षिक किराये, नामांतरण शुल्क और लीज नवीनीकरण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए प्रावधानों के तहत दुकानों के विक्रय या हस्तांतरण की स्थिति में निकाय को नामांतरण शुल्क देना होगा। यह शुल्क संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है।

नए नियम के मुताबिक 3 लाख से कम आबादी वाले नगर निकायों में नामांतरण शुल्क 20 हजार रुपये, 3 लाख से 10 लाख तक की आबादी पर 25 हजार रुपये और 10 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगमों में यह शुल्क 30 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि, आवंटिती की मृत्यु होने की स्थिति में वारिसों के पक्ष में नामांतरण कराने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

नामांतरण की प्रक्रिया के लिए आवंटिती को लीज डीड जारी होने के दो वर्ष बाद संयुक्त आवेदन करना होगा। इसके साथ निर्धारित शुल्क जमा करना और अखबार में 30 दिनों तक दावा-आपत्ति का प्रकाशन कराना भी अनिवार्य होगा।

नए दिशा-निर्देशों में दुकानों के किराये और लीज से जुड़े प्रावधान भी तय किए गए हैं। 10 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगमों में वार्षिक किराया स्वीकृत प्रीमियम राशि के 7.20 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक तीन वर्ष की अवधि पूरी होने पर किराये में 5 प्रतिशत चक्रवृद्धि वृद्धि का प्रावधान लीज डीड में रखा जाएगा।

लीज नवीनीकरण की अवधि भी निर्धारित की गई है। 15 वर्ष की लीज अवधि पूरी होने के बाद अगले 15 वर्ष के लिए लीज का नवीनीकरण किया जा सकेगा। नवीनीकरण के समय किराये में 25 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान रखा गया है। भिलाई नगर निगम स्वीकृत प्रीमियम राशि के प्रतिशत के आधार पर किराया तय करेगा।

वहीं, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से मिलने वाली आय के उपयोग को लेकर भी प्रावधान किया गया है। ऋण की अदायगी के बाद बची राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। इसमें सड़क, नाली, उद्यान और पानी जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन नए प्रावधानों के लागू होने से निगम की दुकानों के नामांतरण, किराये और लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया में एकरूपता आने की उम्मीद है। साथ ही निगम की संपत्तियों से प्राप्त आय का एक हिस्सा सीधे शहर की मूलभूत सुविधाओं के विकास पर खर्च किया जाएगा।


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