Raipur News : पारंपरिक गुलेल खेल ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान, छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी स्पेन में लहराएंगे तिरंगा

Raipur News : पारंपरिक गुलेल खेल ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान, छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी स्पेन में लहराएंगे तिरंगा

Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित पहली नेशनल स्लिंगशाट चैंपियनशिप-2026 में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। एलीट स्लिंगशाट फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन अक्टूबर 2026 में स्पेन में होने वाले स्लिंगशाट वर्ल्ड कप के लिए भी हुआ है।

राष्ट्रीय स्पर्धा में छत्तीसगढ़ के 10 वर्षीय नागेश साहू ने शानदार निशानेबाजी करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता। वहीं 12 वर्षीय श्रेयश बिसेन ने दूसरा स्थान हासिल करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। सीनियर वर्ग में 43 वर्षीय राम बाई नागदौने पाटिल ने भी दूसरा स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। सात वर्षीय शिवांश पाटिल ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।

कभी जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक खेल के रूप में खेले जाने वाला गुलेल यानी स्लिंगशाट अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भुवनेश्वर में सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया कि पारंपरिक खेलों में भी प्रतिभाओं के लिए बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

छत्तीसगढ़ की टीम का नेतृत्व प्रभारी चंदन टोप्पो ने किया। टीम में टेक्निकल ऑफिसर बनित टोप्पो, मैनेजर लरंग साय बेक और महिला विंग प्रभारी डामेश साहू की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेलप्रेमियों ने खुशी जताई है।

एलीट गुलेल एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के अवसर पर मिली यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। खिलाड़ियों की इस सफलता से पारंपरिक खेलों को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले ये खिलाड़ी अब अक्टूबर में स्पेन में होने वाले स्लिंगशाट वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहां उनकी कोशिश अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने और देश के लिए पदक जीतने की होगी।


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