Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में शिवनाथ, खारुन और इंद्रावती समेत अधिकांश नदियां उफान पर हैं। बाढ़ के कारण 100 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है और कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं।
सबसे ज्यादा असर बीजापुर जिले में देखने को मिला है, जहां 70 से अधिक गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। भोपालपटनम में इंद्रावती नदी खतरे के निशान से 3.10 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं जगदलपुर के पुराने पुल पर जलस्तर चेतावनी स्तर पार कर चुका है। बाढ़ के चलते भोपालपटनम का महाराष्ट्र और तेलंगाना से सड़क संपर्क भी पूरी तरह टूट गया है। गंगालूर, बासागुड़ा, मिरतुर, कुटरु और भोपालपटनम क्षेत्र के कई मार्ग जलमग्न हो गए हैं।
दंतेवाड़ा में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं नारायणपुर के ब्रेहबेड़ा नाले में पुलिस की बोलेरो फंस गई, जबकि चिकपाल क्षेत्र में बचाव दल ने 16 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बलौदाबाजार जिले में महानदी का जलस्तर बढ़ने से कसडोल के बल्दाकछार स्थित एक निजी रिसोर्ट चारों ओर से पानी से घिर गया, जहां फंसे चार बच्चों समेत 24 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। दूसरी ओर बीजापुर के लंकापल्ली झरना में फंसे सात पर्यटकों, जिनमें एक प्रसूता और नवजात भी शामिल थे, का सफलतापूर्वक बचाव किया गया।
लगातार बारिश को देखते हुए बीजापुर जिले में अगले दो दिनों तक स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

