नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और टेस्ट क्रिकेट के स्पेशलिस्ट माने जाने वाले अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। पिछले कुछ समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ घोषित भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं मिलने के बाद उनके संन्यास के फैसले को वापसी की उम्मीद खत्म होने से जोड़कर देखा जा रहा है।
2023 में खेला था आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच वर्ष 2023 में खेला था। इसके बाद से वह टीम में वापसी नहीं कर सके। लंबे समय तक चयन से बाहर रहने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला लिया। हालांकि, उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे और किसी न किसी रूप में खेल से जुड़े रहेंगे।
टी20 से किया था डेब्यू, टेस्ट में बनाई अलग पहचान
रहाणे ने अगस्त 2011 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भारतीय टीम में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि उनकी असली पहचान टेस्ट क्रिकेट में बनी, जहां उन्होंने विदेशी धरती पर कई यादगार पारियां खेलीं और भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में जगह बनाई।
शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 90 मैचों में 2,962 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 24 अर्धशतक शामिल रहे। वहीं 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 375 रन बनाए और एक अर्धशतक भी जड़ा।
कप्तान के तौर पर कभी नहीं हारे मैच
रहाणे ने भारत की कप्तानी छह टेस्ट मैचों में की, जिनमें चार में टीम को जीत मिली, जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे। उनकी कप्तानी में भारत ने एक भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया। वर्ष 2021 में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत दिलाने का श्रेय भी उनकी कप्तानी को जाता है, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिना जाता है।
भावुक संदेश में कही दिल की बात
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि हर यात्रा की एक शुरुआत और एक अंत होता है और अब उनके जीवन में आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने अपने प्रशंसकों, साथियों, कोचों और परिवार का आभार जताते हुए कहा कि क्रिकेट हमेशा उनके जीवन का अहम हिस्सा रहेगा।

