Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सकरा प्रखंड के थतिया सीहो गांव निवासी और पेशे से कवि कामेश्वर मिश्र ‘घुमक्कड़’ उस समय चौंक गए, जब 1100 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन निकालने पहुंचे उनके बैंक खाते में अचानक 7 अरब 59 करोड़ 69 लाख 51 हजार 951 रुपये 16 पैसे का बैलेंस दिखाई देने लगा। हालांकि, यह खुशी महज 10 से 15 मिनट ही टिक सकी और कुछ ही देर बाद खाते का बैलेंस फिर से शून्य हो गया।
जानकारी के अनुसार, कामेश्वर मिश्र गांव के पास स्थित बैंक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पर सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकालने पहुंचे थे। पेंशन के 1100 रुपये निकालने के बाद उन्होंने खाते का बैलेंस चेक करने को कहा। जैसे ही सीएसपी संचालक ने स्क्रीन देखी, वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। खाते में करीब 7.59 अरब रुपये की राशि दिखाई दे रही थी।
अरबों रुपये का बैलेंस देखकर कुछ देर तक किसी को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। कामेश्वर मिश्र भी अपनी आर्थिक परेशानियां खत्म होने की उम्मीद में भावुक हो गए। इसके बाद सीएसपी संचालक ने खाते से कुछ राशि निकालने की कोशिश की, लेकिन हर बार ट्रांजैक्शन तकनीकी कारणों से फेल हो गया।
करीब 10 से 15 मिनट बाद जब दोबारा बैलेंस चेक किया गया तो खाते में दिख रही पूरी रकम गायब हो चुकी थी और बैलेंस फिर से शून्य हो गया। इसके बाद बुजुर्ग मायूस होकर वहीं बैठ गए। उन्होंने कहा कि कुछ देर के लिए लगा था कि उनकी गरीबी दूर हो जाएगी, लेकिन यह खुशी पलभर की साबित हुई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खाते में अरबों रुपये दिखाई देना तकनीकी गड़बड़ी का मामला माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में कामेश्वर मिश्र ’10 मिनट के अरबपति’ के नाम से चर्चा का विषय बने हुए हैं।

