Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-13 मंगला में एक बार फिर अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया है। दीनदयाल कॉलोनी के पास श्री हरिपुरम और फ्रेंड्स कॉलोनी के पीछे बड़े पैमाने पर बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉट काटने की तैयारी किए जाने का दावा किया जा रहा है। मौके पर कच्ची सड़क का निर्माण कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र की तारबंदी भी की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही यहां प्लॉटों की बिक्री शुरू की जा सकती है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि के लिए न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लेआउट की स्वीकृति ली गई है और न ही नगर निगम से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई है। सूत्रों का दावा है कि जमीन की खरीद-फरोख्त के बाद अब उसे छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर बेचने की तैयारी चल रही है।
बताया जा रहा है कि मंगला क्षेत्र में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। दीनदयाल कॉलोनी के पीछे विकसित किए जा रहे क्षेत्र में कच्ची सड़क तैयार कर दी गई है और भूमि की घेराबंदी भी पूरी कर ली गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए ही प्लॉटों की बिक्री शुरू की जा सकती है।
इस मामले में स्थानीय पार्षद ने कहा कि उन्हें उक्त प्लाटिंग की जानकारी नहीं है। वहीं पड़ताल में यह भी सामने आया कि संबंधित बिल्डर या जमीन मालिक ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लेआउट स्वीकृत नहीं कराया है और नगर निगम से भी कोई अनुमति नहीं ली है।
जानकारी के अनुसार मंगला क्षेत्र में केवल एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनभर से अधिक स्थानों पर इसी तरह की प्लाटिंग की गतिविधियां चल रही हैं। कई जगह कॉलोनियों के प्रचार-प्रसार के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग और बैनर लगाए गए हैं, जबकि आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी अनुमतियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस बीच एक और दावा सामने आया है कि जिस भूमि पर प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है, वह पहले शहर के एक जनप्रतिनिधि के स्वामित्व या कब्जे में बताई जाती थी। बाद में यह जमीन कथित रूप से एक बिल्डर को बेच दी गई और अब उसे छोटे-छोटे प्लॉटों में विकसित कर बेचने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का बयान भी सामने नहीं आया है।
एक ओर नगर निगम अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई के दावे करता रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की गतिविधियां खुलेआम जारी रहने से विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। यदि बिना आवश्यक स्वीकृतियों के प्लाटिंग की जा रही है, तो यह नियमानुसार कार्रवाई का विषय बन सकता है। अब देखना होगा कि नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

