Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। दुर्ग में एक पेटीएम एजेंट पर महिला व्यवसायी के साथ 4.16 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एजेंट ने महिला की जानकारी के बिना उनके मोबाइल में पेटीएम बिजनेस एप के माध्यम से लोन स्वीकृत कराया और बाद में दो किश्तों में रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। पुलिस द्वारा प्रारंभ में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया।
JMFC ने दिए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) कु. एंजल वामिको तिग्गा ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया। इसके बाद न्यायालय ने कोतवाली थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए।
मोबाइल से कराया गया 2.16 लाख का लोन
शिकायतकर्ता गंजपारा निवासी एवं शर्मा कृषि केंद्र की संचालिका मधु शर्मा के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को पेटीएम एजेंट संत कुमार पात्रे उनकी दुकान पर साउंड बॉक्स लगाने आया था। इसी दौरान उसने कथित रूप से उनके मोबाइल में पेटीएम बिजनेस एप के जरिए उनकी जानकारी और सहमति के बिना 2.16 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया।
दो बार में खाते में ट्रांसफर किए एक-एक लाख रुपये
आवेदिका का आरोप है कि आरोपी 27 नवंबर और 1 दिसंबर 2025 को फिर दुकान पहुंचा और उनका मोबाइल लेकर पेटीएम एप के माध्यम से दो अलग-अलग बार में एक-एक लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। उन्हें उस समय इस लेन-देन की जानकारी नहीं हो सकी।
लोन की किस्त का मैसेज आने पर हुआ खुलासा
पीड़िता ने बताया कि 13 दिसंबर 2025 को पेटीएम बिजनेस की ओर से लोन की किस्त संबंधी सूचना मिलने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाना और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जहां लगभग 77,807.80 रुपये होल्ड भी कर दिए गए। हालांकि एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
न्यायालय के आदेश के पालन में कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 352/2026 दर्ज करते हुए आरोपी संत कुमार पात्रे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस बैंक लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

