Maihar Accident News: दर्दनाक घटना! बैल को बचाने कुएं में उतरे तीन लोगों की दम घुटने से मौत, चौथा ग्रामीण भी हुआ बेहोश

Maihar Accident News: दर्दनाक घटना! बैल को बचाने कुएं में उतरे तीन लोगों की दम घुटने से मौत, चौथा ग्रामीण भी हुआ बेहोश

Maihar Accident News: मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के खरमसेड़ा गांव में एक बैल को बचाने की कोशिश तीन ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हुई। कुएं में गिरे बैल को निकालने के लिए एक-एक कर तीन लोग नीचे उतरे, लेकिन कुएं के भीतर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आने से तीनों की दम घुटने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बैल को बचाने की कोशिश में हुआ दर्दनाक हादसा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को खरमसेड़ा गांव के एक कुएं में एक बैल गिर गया था। बैल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सबसे पहले एक ग्रामीण कुएं में उतरा। कुछ ही देर बाद उसकी आवाज आना बंद हो गई। उसे बचाने के लिए दूसरा ग्रामीण नीचे उतरा, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। इसके बाद तीसरा व्यक्ति भी दोनों को बचाने के लिए कुएं में उतरा, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकल सका। कुएं के भीतर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

चौथा ग्रामीण भी हुआ बेहोश

हादसे के दौरान एक अन्य ग्रामीण भी मदद के लिए कुएं में उतरा, लेकिन जहरीली गैस के असर से वह बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।

मृतकों की हुई पहचान

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले ग्रामीणों की पहचान कृष्ण कुमार यादव (28 वर्ष), वीरेंद्र यादव (47 वर्ष) और राहुल यादव (34 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने तीनों शवों को बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में कुएं के भीतर मौजूद जहरीली गैस को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कुएं में गैस कैसे बनी।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बंद या कम उपयोग होने वाले कुओं, सेप्टिक टैंकों और गहरे गड्ढों में मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो सकती हैं। ऐसे स्थानों पर बिना सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त ऑक्सीजन की जांच किए उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है।

गांव में पसरा मातम

तीनों ग्रामीणों की एक साथ मौत से पूरे खरमसेड़ा गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों लोगों ने बैल की जान बचाने के इरादे से कुएं में उतरने का साहस दिखाया था, लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि कुएं के भीतर जहरीली गैस जमा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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