Chhattisgarh Latest News: अहिवारा। श्री सद्गुरु कबीर प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन श्री सद्गुरु कबीर अनुप साहू–अनुप बंजारे आश्रम, वार्ड क्रमांक-4, अहिवारा में कबीर पंथी समाज अहिवारा एवं एसकेडीवी मिशन तहसील अहिवारा के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अहिवारा के अध्यक्ष विधानद कुशवाहा ने की। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविशंकर सिंह, राजिंदर सिंह, अनुज साहू, इंद्रजीत रोहन, अरुण बंजारे, रामकुमार धनकर, मनोज साहू, विदेशी साहू, पुरुषोत्तम वर्मा, विक्रम साहू एवं खुमान सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद विजय बघेल ने सद्गुरु कबीर साहेब के ध्वजारोहण एवं उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर किया। मंच संचालन लीलाधर महंत ने किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विधानद कुशवाहा ने कबीर साहेब की वाणी “ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर” का उल्लेख करते हुए कहा कि संत कबीर के विचार आज भी समाज को समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश देते हैं। उन्होंने अहिवारा के प्रमुख चौक का नाम ‘कबीर चौक’ रखने का प्रस्ताव रखने तथा आश्रम परिसर में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से डोम शेड निर्माण एवं वृक्षारोपण कराने की घोषणा की।
पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रविशंकर सिंह ने कहा कि संत कबीर ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास, कुरीतियों और भेदभाव का विरोध करते हुए मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष संत कबीर साहेब की 628वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि करीब 600 वर्ष पूर्व संत कबीर द्वारा दिए गए संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। यदि उनके उपदेशों का थोड़ा-सा अंश भी जीवन में उतार लिया जाए तो समाज में प्रेम, सद्भाव और समरसता स्वतः स्थापित हो सकती है।
सांसद विजय बघेल ने नगर परिषद अध्यक्ष विधानद कुशवाहा की जनसेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा के साथ नगर के विकास में जुटे हैं। उन्होंने लीलाधर साहू द्वारा संत कबीर की वाणी को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों की भी प्रशंसा की तथा सभी से संत कबीर के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन “साहेब बंदगी” के उद्घोष के साथ किया।
इस अवसर पर कुन्दन साहू (पुजारी आश्रम), दुर्गादास दीवान, रामाधार साहू, बोधन साहेब, मनोज साहू, राजेश यादव, विक्रम सिंह, टिकाराम, देवकी साहू, पिगला बाई, नर्मदा साहू, सेवती, केशरी साहू, कल्याणी साहू, डेरहीन साहू, सुकृत दास, दुर्गेश साहू, रामबगस साहू, मनहरण, ऋषि मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में कबीर पंथी समाज के श्रद्धालु एवं नगरवासी उपस्थित रहे।

