Accident in Balrampur: बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। राजपुर थाना क्षेत्र के कोटागहना गांव में शनिवार देर रात जहरीले सांप के डसने से नानी और उनकी 8 वर्षीय नातिन की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, 8 वर्षीय बच्ची छुट्टियां बिताने के लिए अपनी नानी के घर कोटागहना गांव आई हुई थी। शनिवार रात वह अपनी नानी के साथ घर में सो रही थी। देर रात किसी समय एक जहरीला सांप कमरे में घुस आया और सोते समय पहले बच्ची, फिर उसकी नानी को डस लिया। रात में दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजनों को घटना की जानकारी हुई। आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया, लेकिन जहरीले सांप के जहर का असर इतना तेज था कि रविवार सुबह तक नानी और नातिन दोनों ने दम तोड़ दिया। एक साथ दो मौतों से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे।
सूचना मिलने पर राजपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बारिश के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाने के कारण उनके रिहायशी इलाकों में निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय सोने से पहले कमरे और आसपास की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए तथा सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने के लिए प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए। वहीं, सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करने के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय रहते इलाज मिल सके।

