नायब तहसीलदार से मारपीट मामले पर प्रदेशभर में बवाल: 500 से अधिक तहसीलदार-नायब तहसीलदार हड़ताल पर, विधायक की गिरफ्तारी की मांग तेज

नायब तहसीलदार से मारपीट मामले पर प्रदेशभर में बवाल: 500 से अधिक तहसीलदार-नायब तहसीलदार हड़ताल पर, विधायक की गिरफ्तारी की मांग तेज

रायपुर/सरगुजा। सरगुजा जिले में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर लगे आरोपों के विरोध में प्रदेशभर के 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते छत्तीसगढ़ की अधिकांश तहसीलों और उप-तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है।

गिरफ्तारी की मांग पर अड़े अधिकारी

कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने कहा कि मंत्री और राजस्व सचिव स्तर पर हुई बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

नायब तहसीलदार ने उठाई नार्को टेस्ट की मांग

राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार माणिक ने मांग की है कि उनका और विधायक रामकुमार टोप्पो का नार्को टेस्ट कराया जाए। उनका कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। उन्होंने कहा कि उचित कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा है कि वे सभी प्रकार की जांच और टेस्ट के लिए तैयार हैं तथा जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे।

विधायक समेत 10 लोगों पर दर्ज है एफआईआर

27 मई की शाम राजापुर में हुई कथित मारपीट की घटना के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके 10 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दूसरी ओर विधायक की बहन की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

घटना के बाद विधायक ने गिरफ्तारी देने की बात कही थी, लेकिन अब तक उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया है। बताया जा रहा है कि वे क्षेत्र के दौरे पर हैं और इस मुद्दे पर फिलहाल कोई नया बयान नहीं दिया है।

भाजपा संगठन की चुप्पी पर भी सवाल

मामले को लेकर भाजपा संगठन ने आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ भाजपा नेता सोशल मीडिया के माध्यम से विधायक के समर्थन में पोस्ट साझा कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में संगठन की चुप्पी को लेकर भी चर्चा तेज है।

तहसीलों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित

तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल का असर पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है। सुशासन तिहार के बीच तहसील और उप-तहसील कार्यालयों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो गया है। आंदोलन को राजस्व निरीक्षक (RI) संघ का भी समर्थन मिला है। सरगुजा जिले में सभी राजस्व निरीक्षक भी हड़ताल पर हैं।

न्यायालयीन कार्य और सीमांकन प्रभावित

हड़ताल के कारण तहसील न्यायालयों में सुनवाई प्रभावित हो रही है और पक्षकारों की पेशियों की तारीख आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं भूमि सीमांकन के कार्य भी ठप हो गए हैं। 15 जून से सीमांकन पर रोक लगने की संभावना के चलते आम नागरिकों और पक्षकारों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

प्रशासनिक संकट की स्थिति

प्रदेशभर में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल से प्रशासनिक कार्यों पर व्यापक असर पड़ रहा है। अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनरत अधिकारियों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो राजस्व और न्यायालयीन कार्यों का लंबा बैकलॉग खड़ा होने की आशंका है।


Related Articles