Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का बड़ा खुलासा करते हुए पंजाब से हेरोइन सप्लाई करने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 97.63 ग्राम हेरोइन, नकदी, मोबाइल फोन, कार और स्कूटी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की कीमत करीब दो लाख रुपए आंकी गई है, जबकि जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 5.38 लाख रुपए बताई जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों को उस समय पकड़ा, जब वे बिलासपुर रेलवे स्टेशन के बाहर हेरोइन की डिलीवरी करने पहुंचे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हेरोइन को दूध की बोतल में छिपाकर पंजाब से ट्रेन के जरिए छत्तीसगढ़ लाया गया था।
रेलवे स्टेशन के बाहर डिलीवरी के दौरान दबोचे गए आरोपी
एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि मंगलवार शाम एसएसपी रजनेश सिंह को सूचना मिली थी कि पंजाब से आए कुछ तस्कर बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास हेरोइन की बड़ी खेप की डिलीवरी करने वाले हैं।
सूचना मिलते ही तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में निरीक्षक निलेश पांडेय और सरकंडा थाना पुलिस के जवानों को शामिल किया गया। इसके बाद रेलवे स्टेशन क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
पुलिस के मुताबिक, बताए गए हुलिए के अनुसार दो युवक रेलवे स्टेशन से बाहर निकले और एक अल्टो कार के पास पहुंचे। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें घेर लिया। मौके से अल्टो कार और स्कूटी सवार कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से:
- 97.63 ग्राम हेरोइन
- 57,800 रुपए नकद
- 5 मोबाइल फोन
- एक अल्टो कार
- एक स्कूटी
बरामद की गई।
पंजाब के सप्लायर, मुंगेली के खरीदार गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब के अमृतसर निवासी जितेंद्र सिंह रंधावा और जगदीप सिंह को मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ के मुंगेली निवासी शेख अल्ताफ, अमित कुमार डाहिरे और अवि पाठक स्थानीय स्तर पर ड्रग्स नेटवर्क संभाल रहे थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी बिना किसी वैध दस्तावेज के प्रतिबंधित नशीला पदार्थ लेकर पहुंचे थे और स्थानीय स्तर पर इसकी सप्लाई की तैयारी में थे।
दूध की बोतल में छिपाकर लाई गई थी हेरोइन
जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए हेरोइन को दूध की बोतल में छिपाकर ट्रेन के जरिए पंजाब से बिलासपुर तक पहुंचाया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह तरीका पहले भी इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
अधिकारियों का मानना है कि आरोपी लंबे समय से छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के अन्य इलाकों में ड्रग्स सप्लाई कर रहे हो सकते हैं।
पंजाब से मध्य भारत तक फैला नेटवर्क
पुलिस को आशंका है कि यह मामला सिर्फ स्थानीय स्तर की तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
तोरवा थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि छत्तीसगढ़ के किन-किन जिलों तक इस नेटवर्क की सप्लाई पहुंच रही थी।
पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच
पुलिस को शक है कि हेरोइन की यह खेप पाकिस्तान से जुड़े ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। आमतौर पर पंजाब सीमा के जरिए पाकिस्तान से भारत में नशे की खेप पहुंचने के मामले सामने आते रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले भी पंजाब से जुड़े कुछ मामलों में पाकिस्तान कनेक्शन की जानकारी मिली थी। ऐसे में इस मामले की जांच भी उसी एंगल से की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार तस्कर किन लोगों के संपर्क में थे और देश के अन्य राज्यों में भी उनकी सप्लाई चैन सक्रिय थी या नहीं।

