Cattle Rearers’ Conference in Gwalior: ग्वालियर। राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालकों और किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मध्यप्रदेश को “दूध की राजधानी” बनाने का संकल्प दोहराया। ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम दोपहर करीब 1:40 बजे पहुंचे और हाथ जोड़कर पशुपालकों का अभिवादन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल, सांसद भारत सिंह कुशवाहा और ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
मप्र को दूध उत्पादन में अग्रणी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ग्वालियर एक जीवंत नगरी है और यहां किसान व पशुपालक प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सीमा पर जवान और खेत में किसान देश की ताकत हैं, और जिनके घर गाय है, वे गोपाल हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने वाले किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।
किसानों को मिल रही बेहतर सुविधाएं
सीएम ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब उन्हें पर्याप्त बिजली और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” बताते हुए कृषि और पशुपालन को मजबूत करने पर जोर दिया।
साथ ही उन्होंने कहा, गौशाला को बीस की जगह चालीस रूपये देंगे गायों के लिए। पशु आहार निर्माण केंद्र खुलेगा। वहीं, डबरा में पशु चिकित्सालय खोला जाएगा। हेम सिंह परेड अस्पताल का उन्नयन भी होगा। किसान की जमीन लेने पर उसे चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
दूध कलेक्शन बढ़ाने पर जोर
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने स्वागत भाषण में बताया कि प्रदेश में दूध संग्रहण 9 लाख लीटर से बढ़कर साढ़े 12 लाख लीटर तक पहुंच चुका है, जिसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार मध्यप्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में भाजपा प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र में शामिल होंगे और इसके बाद आरोग्यधाम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का अवलोकन कर भोपाल के लिए रवाना होंगे।

