MP Katni News: कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात पटना-पुणे एक्सप्रेस से 167 मुस्लिम बच्चों को रेस्क्यू किया गया। खुफिया सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई के बाद मानव तस्करी की आशंका जताई जा रही है। संदेह है कि इन बच्चों को बिहार से महाराष्ट्र काम कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
कटनी आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जानकारी मिली थी कि पटना-पुणे एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। ट्रेन के कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंचते ही आरपीएफ, जीआरपी, महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण अधिकारियों की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर बच्चों को सुरक्षित उतारा।
बच्चे S1 से S7 कोच में सवार थे, सद्दाम ने दावा किया 10 साल से ले जा रहा
जांच में सामने आया कि रेस्क्यू किए गए बच्चे ट्रेन के S1, S2, S3, S4 और S7 कोच में सवार थे। बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नामक व्यक्ति ने बताया कि वह इन बच्चों को बिहार के अररिया से महाराष्ट्र के लातूर स्थित मदरसे ले जा रहा था। सद्दाम का दावा है कि उसके साथ 100 बच्चों का ग्रुप था और वह पिछले 10 साल से बच्चों को वहां ले जाता आ रहा है। प्रशासन अब उसके दावों और कानूनी दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रहा है।
मजदूरी या गैर-कानूनी कार्य की आशंका
बाल सुरक्षा अधिकारी मनीष तिवारी के अनुसार, बच्चों को महाराष्ट्र ले जाकर मजदूरी या अन्य गैर-कानूनी काम कराए जाने की जानकारी मिली थी। सभी बच्चों को आरपीएफ थाने ले जाकर काउंसलिंग की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम बच्चों के परिजनों और निवास स्थान के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
कटनी आरपीएफ टीआई वीरेंद्र सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है और जब तक उनके अभिभावकों से संपर्क नहीं हो जाता और स्थानांतरण का ठोस कारण स्पष्ट नहीं होता, उन्हें प्रशासन की निगरानी में रखा जाएगा।
भोपाल के विधायक आरिफ मसूद ने भी रात में वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले की जानकारी ली और बच्चों के सुरक्षित स्थानांतरण तथा कार्रवाई की स्थिति पर चर्चा की।

