Durg LPG Raid Papusha Gases News दुर्ग जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिला खाद्य विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत रसमड़ा स्थित बोरई इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में संचालित पापुशा गैसेस प्राइवेट लिमिटेड पर अचानक छापा मारा।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद टीम ने मौके से 599 गैस सिलेंडर और करीब 2841 किलो एलपीजी जब्त किया। जांच में यह भी पाया गया कि कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड के माध्यम से ‘गो गैस’ और ‘गैस प्वाइंट’ नाम से सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही थी, जो डीलरों के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंच रही थी। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अलग समानांतर रूप से किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है।
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री परिसर में तीन बड़े टैंक (बुलेट) भी पाए गए, जिनमें एलपीजी संग्रहित थी। इसके अलावा सिलेंडरों की पेंटिंग का कार्य भी चल रहा था और उन पर वजन तथा एक्सपायरी से संबंधित जानकारी दर्ज की जा रही थी। मौके पर मौजूद सिलेंडरों की संख्या और स्टॉक रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों में अंतर भी पाया गया, जिससे रिकॉर्ड संधारण में गंभीर लापरवाही सामने आई।
जब अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों की मांग की तो कंपनी आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकी। कंपनी प्रबंधन ने ‘अतुल रबर’ नामक फर्म को डीलर बताया, लेकिन जांच के दौरान इस संबंध में कोई वैध अनुबंध या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। साथ ही समानांतर मार्केटिंग के लिए आवश्यक रजिस्ट्रेशन और रेटिंग सर्टिफिकेट भी नहीं पाए गए।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस पूरे संचालन की जानकारी जिला प्रशासन को नहीं दी गई थी और बिना अनुमति गैस का कारोबार किया जा रहा था। बिना अनुमति बिक्री, स्टॉक और मूल्य की जानकारी प्रदर्शित नहीं करना, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और आवश्यक प्रमाण पत्रों की अनुपस्थिति जैसे कई नियमों का उल्लंघन पाया गया।
दुर्ग के खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि गैस की कालाबाजारी पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है और जहां भी शिकायत मिलती है, वहां तत्काल जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम उपभोक्ताओं को गैस की नियमित और सही आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

