दुर्ग में 5 निजी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द, 124 अस्पतालों की जांच, 48 को थमाया नोटिस

दुर्ग में 5 निजी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द, 124 अस्पतालों की जांच, 48 को थमाया नोटिस

Durg Hospital License Cancel News दुर्ग जिले में निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत के निर्देश पर जिले के सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण कराया गया, जिसमें कई अस्पतालों में नियमों की अनदेखी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने 48 अस्पतालों को नोटिस जारी किया है, जबकि 5 अस्पतालों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

नर्सिंग होम एक्ट और आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में नगर निगम, आयुष विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था। टीमों को एक माह के भीतर सभी अस्पतालों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

जिले में कुल 124 निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 48 अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं और नियमों की कमी पाई गई। इन अस्पतालों को 30 दिन के भीतर सुधार करने और जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के निर्देशन में दोबारा निरीक्षण किया गया।

दूसरी बार की जांच में 5 अस्पतालों में अब भी गंभीर खामियां पाई गईं और नियमों का उल्लंघन जारी रहा। इसके चलते प्रशासन ने दाउजी मेमोरियल हॉस्पिटल (जामगांव आर, पाटन), प्राची हॉस्पिटल (पुलगांव), जीवन ज्योति हॉस्पिटल (वार्ड 5, जामुल भिलाई), आईएमआई हॉस्पिटल (न्यू खुर्सीपार भिलाई) और आशीर्वाद नर्सिंग होम (जीई रोड, भिलाई) का लाइसेंस रद्द कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। निरीक्षण के दौरान कई अस्पतालों में साफ-सफाई, आवश्यक उपकरणों, प्रशिक्षित स्टाफ और इलाज की उचित व्यवस्था में कमी पाई गई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के अन्य अस्पतालों की भी लगातार निगरानी की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


Related Articles