PM Dhan Dhanya Krishi Yojana रायपुर। मधुमक्खी पालन पर्यावरण संरक्षण के साथ कम लागत में अधिक आय देने वाला प्रभावी स्वरोजगार माध्यम बनकर उभर रहा है। बगीचा विकासखंड के ग्राम चम्पा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह का गठन कर महिलाओं को मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित किया गया और आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समूह की महिलाओं को मधुमक्खी पालन के लिए 5 बक्से निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।
वर्तमान में रबी सीजन के दौरान सरसों की फसल के समीप मधुमक्खी बक्सों को स्थापित कर वैज्ञानिक पद्धति से पालन किया जा रहा है, जिससे उत्पादन में वृद्धि की संभावना बनी हुई है। समूह द्वारा एक माह में 5 बक्सों से लगभग 10 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया। तैयार शहद को स्थानीय बाजार में 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय कर अतिरिक्त आय अर्जित की गई।
इस पहल से समूह की महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। मधुमक्खियां परागण के माध्यम से जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे किसानों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
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