मुंगेली। पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज, रामगोपाल गर्ग ने जिला मुंगेली का दौरा किया और समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाने/चौकी प्रभारियों के साथ लंबित अपराधों व शिकायतों के त्वरित निराकरण की समीक्षा की।
सर्वप्रथम IG ने थाना जगरहागांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना रजिस्टर, रोजनामचा, तख्ती प्रविष्टियां, थाने की सफाई, सीसीटीएनएस और सायबर पोर्टल में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निपटान संबंधी निर्देश दिए गए।
इसके बाद उन्होंने मुंगेली पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नवनिर्मित प्रशिक्षण भवन का लोकार्पण किया। तत्पश्चात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलेक्टर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक एवं समस्त थाना/चौकी प्रभारियों ने भाग लिया।
IG ने बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित निर्देश दिए:
- रोड एक्सीडेंट की मृत्यु दर में कमी लाना।
- साइबर क्राइम तकनीक का अधिकतम उपयोग कर अपराध रोकथाम।
- बीट प्रणाली के माध्यम से आमजन से सूचना संकलन।
- सशक्त एप के जरिए चोरी गए वाहनों की त्वरित बरामदगी।
- अनुभव QR कोड के माध्यम से आमजन से पुलिस फीडबैक।
- बेसिक पुलिसिंग और नियमित गश्त-पेट्रोलिंग पर जोर।
बैठक में विशेष जोर संपत्ति अपराध, चोरी, लूट, डकैती और वाहन चोरी के मामलों की त्वरित निपटान पर दिया गया। IG ने बताया कि सशक्त एप के उपयोग से राज्यभर में लावारिस वाहन तुरंत पहचान योग्य होंगे और चोरी गए वाहनों की बरामदगी न्यायालयीन आदेशानुसार की जाएगी।
वर्तमान में एप के माध्यम से मुंगेली जिले में 5 मोटरसाइकिल बरामद की जा चुकी हैं। IG ने साइबर सेल का भ्रमण भी किया और बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए छात्रों और आमजन के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।
जिला कोतवाली और विशेष शाखा का निरीक्षण कर IG ने अधिकारियों व कर्मचारियों को सुधरे रिकार्ड और मधुर व्यवहार बनाए रखने के लिए हिदायत दी। साथ ही फिंगरप्रिंट स्टाफ को उत्कृष्ट कार्य हेतु नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुंगेली पुलिस द्वारा टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षण के माध्यम से अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने का यह प्रयास जिले में पुलिसिंग की नई दिशा तय करेगा।

